साबरमती लाॅन में नक्सलवाद का जलाया पुतला
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीवी) की जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) इकाई ने मंगलवार को नक्सलवाद के समूल उन्मूलन के राष्ट्रीय संकल्प के उपलक्ष्य में पुतला दहन एवं शवयात्रा कार्यक्रम आयोजित किया। जेएनयू कैंपस के साबरमती लाॅन से लेकर मुख्य प्रवेश द्वार तक नक्सलवाद के अंत की शव यात्रा निकाली गई और फिर नक्सलवाद का पुतला दहन किया। वक्ताओं ने कहा कि नक्सलवाद ने विशेष रूप से देश के आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और सामान्य जीवन को गहराई से प्रभावित किया है। अनेक क्षेत्रों में विकास की प्रक्रिया बाधित हुई और स्थानीय समुदायों को लंबे समय तक असुरक्षा और अभाव की स्थिति का सामना करना पड़ा। ऐसे में नक्सलवाद का उन्मूलन केवल सुरक्षा का प्रश्न नहीं बल्कि सामाजिक न्याय, विकास और स्थिरता से जुड़ा हुआ विषय था।
एबीवीपी जेएनयू अध्यक्ष मयंक पंचाल ने कहा कि 31 मार्च का दिन नक्सलवाद के अंत के राष्ट्रीय संकल्प का प्रतीक है। इस कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों ने स्पष्ट रूप से यह संदेश दिया है कि वह हिंसा और अविकास की किसी भी विचारधारा के साथ नहीं खड़े हैं। विश्वविद्यालय के छात्रों की जिम्मेदारी है कि वह देश के समक्ष उपस्थित वास्तविक चुनौतियों को समझें और राष्ट्रहित के पक्ष में अपनी वैचारिक स्पष्टता विकसित करें। एबीवीपी जेएनयू मंत्री प्रवीण कुमार पीयूष ने कहा कि यह कार्यक्रम छात्रों की सजगता और राष्ट्र के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि अभाविप छात्र शक्ति, राष्ट्र शक्ति के आदर्श के साथ छात्रों के बीच जागरूकता बढ़ाने, तथ्यपरक दृष्टिकोण विकसित करने और राष्ट्रहित से जुड़े मुद्दों पर उन्हें सक्रिय करने के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।