सुरक्षाकर्मियों पर मारपीट का आरोप, चिकित्सा उपकरण व विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध कराने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सा सुविधाओं की कमी और कार्यकर्ताओं से धक्का-मुक्की के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) जेएनयू इकाई ने बुधवार को अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया। उधर जेएनयू प्रशासन का कहना है कि धक्का-मुक्की में तीन गार्डाें को भी चोट आई है।
एबीवीपी कार्यकर्ताओं का कहना है कि छात्र लंबे समय से स्वास्थ्य केंद्र में जरूरी चिकित्सा उपकरणों और विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को लेकर शिकायत कर रहे थे। मरीजों के साथ व्यवहार को लेकर भी शिकायतें मिल रही थीं। इन्हीं शिकायतों की जानकारी लेने के लिए कार्यकर्ता स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे थे। आरोप है कि सवाल पूछने पर सुरक्षा कर्मियों ने उनसे दुर्व्यवहार किया और बाद में धक्का-मुक्की की। एबीवीपी ने मामले में जिम्मेदार सुरक्षा कर्मियों पर कार्रवाई, उपकरण और विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध कराने और मरीजों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करने की मांग की है। केंद्र के अधिकारियों के इस्तीफे की मांग भी उठाई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि धक्का-मुक्की में उनके तीन गार्डाें को चोटें आई हैं।
एबीवीपी अध्यक्ष का बयान
एबीवीपी जेएनयू अध्यक्ष मयंक पंचाल ने कहा कि जेएनयू स्वास्थ्य केंद्र छात्रों की सुविधा के लिए है। यह किसी अधिकारी या सुरक्षा कर्मी की मनमानी के लिए नहीं है। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं के साथ किया गया व्यवहार बेहद गंभीर है। पंचाल ने घायल हुए विकास पटेल, अभय और अनीमेष की घटना में जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की। एबीवीपी जेएनयू मंत्री प्रवीण कुमार पीयूष ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधा प्रत्येक छात्र की मूल आवश्यकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सवाल पूछने पर छात्रों से धक्का-मुक्की की जाती है।