वॉल्वो कंपनी का 45 लाख रुपये का भुगतान न करने का खामियाजा इन बसों से गुजरने वालों को भुगतना पड़ रहा है। डिपो में वॉल्वो की 20 बस हैं। जिनमें से 9 बसों का ब्रैक लगा हुआ है। अब रूट पर केवल आधी बसें ही चल रही हैं।
खराब बसों का ठीक नहीं होने का कारण जो सामने आया है वह यह है कि वॉल्वो कंपनी का रोडवेज पर करीब 45 लाख रूपये बकाया है। रूपये समय पर नहीं देने के कारण वॉल्वो ने रोडवेज डिपो में वॉल्वो बसों के मैकनिकों को वॉल्वो ने अपने पास हेड ऑफिस बुला लिया है। इस कारण बसों का काम नहीं हो पा रहा है। रोडवेज की वॉल्वो की सारी बसें लगभग चंडीगढ-गुरुग्राम के बीच चलती है और एक या दो बसें आगरा भी चलती है।
वॉल्वों बसों के मेंटिनेस रखने का वॉल्वो कंपनी का तीन साल का एग्रीमेंट समाप्त हो गया। इसके बाद वॉल्वो बसों को ठीक करने के लिए रोडवेज ने वॉल्वो को वर्क आर्डर पर काम करने लिए सहमति बनी। 20 बसों के मेंटिनेस का करीब 45 लाख के बिल रोडवेज के पास बकाया पड़े हैं। बकाया राशि समय पर नहीं अदायगी नहीं होने के कारण वॉल्वो ने बसों का काम रोक दिया और अपने कर्मचारियों को वापस बुला लिया गया। जिसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है।
20 में से 5 पांच बसों का एग्रीमेंट वॉल्वो के पास है जिनमें कोई भी खामी होती है तो उसका पूरा काम वॉल्वो अपनी तरफ से करता है। जबकि 15 बसों का एग्रीमेंट समाप्त होने के कारण उनका पूरा काम रोडवेज के जिम्मे है। इन बसों का काम वॉल्वो के कर्मचारी रोडवेज के वर्क आर्डर पर काम करते हैं। वर्क आर्डर में वो अपने काम का बिल बनाकर रोडवेज को देते हैं जिसमें बसों में डाला गया पार्ट और लेबर होती है।
लेकिन पिछले काफी समय से उनके इन बिलों की अदायगी नहीं हो सकी। इन 9 बसों में से कुछ बसों में एसी नहीं चल रही किसी के इंजन में खराबी होने के कारण इन बसों को ब्रैक लग गया है।