इंसानों के इलाज के लिए सिटी स्कैन और आई यूनिट के बारे में तो सुना होगा, लेकिन गुरुग्राम डीएलएफ फेज-3 स्थित सीजीएस अस्पताल में पालतू जानवरों के लिए करीब दो करोड़ की लागत से अमेरिका से आयात कर विशेष सिटी स्कैनर मशीन लगवाई गई है और नेत्र विज्ञान यूनिट तैयार किया गया है। अस्पताल का दावा है कि यह देश में पहली बार पालतू जानवरों के लिए सिटी स्कैन की सुविधा शुरू की गई है। अभी तक मानव शरीर की इलाज के लिए की जाने वाली सीटी स्कैनर मशीन से जानवरों को भी स्कैन किया जाता है।
इन मशीन की मदद से कुत्ते और बिल्ली को होने वाले कैंसर के स्तर को बेहतर तरीके से पहचाना जा सकेगा। इसके अलावा सभी जानवरों की चोटों का इलाज भी इसकी सहायता से हो पाना संभव होगा। ट्यूमर जैसी खतरनाक बीमारी की सटीक जगह की जानकारी अछे तरीके से हो पाएगी। नेत्र विज्ञान यूनिट की व्यवस्था हो जाने से जानवरों के नेत्र से जुड़े सभी बीमारियों का सही उपचार संभव हो पाएगा। आमतौर पर कुत्तों में मोतियाबिंद से जुड़ी ज्यादा परेशानी होती है।
अस्पताल के निदेशक समर एस महेंद्रण का कहना है कि आजकल कुत्ते और बिल्लियों में हृदय रोग, मधुमेह और गुर्दे की पत्थरों जैसी घातक बीमारियां बहुत आम हो गई है। जिसके लिए पशु प्रेमियों को जागरूक होना बेहद अनिवार्य है। पालतु जानवरों की देखभाल के लिए पशु पालक को मानकों को निर्धारित करना होगा।
आमतौर पर प्रतिदिन 100-200 बीमार जानवरों का इलाज किया जाता है, जिसमें 5-6 सर्जरी होती है। अस्पताल के अंदर ही दवाइयों के दुकान एवं टेस्ट के लिए अलग से माइक्रो बायोलॉजी एवं पैथोलोजिकल लैब हैं। इसके अतिरिक्त यहां बिल्लियों के लिए एक अलग से ओपीडी बनाया हुआ है।