सरोजनी नगर थाना इलाके में हाईकोर्ट की रोक के बावजूद पेड़ काटे जाने के मामले में अवमानना याचिका दायर की गई है। हाईकोर्ट ने सरकारी अधिकारियों के हाउसिंग प्रोजेक्ट के लिये 16,500 पेड़ काटने पर सोमवार को 4 जुलाई तक रोक लगाई थी।
जस्टिस विनोद गोयल व जस्टिस रेखा पल्ली की खंडपीठ के समक्ष याची पर्यावरणविद विमलेंदु झा के अधिवक्ता ने कहा कि हाईकोर्ट की रोक के बावजूद मंगलवार को नेताजी नगर व नौरोजी नगर में पेड़ काटे गए हैं। इस बाबत थाना सरोजनी नगर में शिकायत दी गई है।
खंडपीठ ने अवमानना याचिका पर इस मामले से जुड़ी अन्य याचिकाओं के साथ 4 जुलाई को सुनवाई तय की है। बता दें कि डॉ. कौशलकांत मिश्रा ने याचिका दायर कर सबसे पहले 16500 पेड़ काटने की अनुमति को चुनौती दी थी।
इसके बाद एक याचिका एनजीटी में दायर हो चुकी है। इस पर एनजीटी के समक्ष दो जुलाई को सुनवाई होनी है। एनबीसीसी ने कहा था कि अनमुति को चुनौती देने वाली याचिका पर एनजीटी ही सुनवाई कर सकता है। पेड़ काटने के एवज में वृक्ष प्राधिकरण में आठ करोड़ रुपये जमा कराए जा चुके हैं।