बड़े पैमाने पर कर चोरी करने वाले आयकर विभाग के निशाने पर हैं। इसी कड़ी में विभाग ने बिजली उपकरण बनाने वाली कंपनी के चार ठिकानों पर 16 घंटे तक सर्च अभियान चलाया। सर्वे के दौरान करीब आठ करोड़ रुपये की अघोषित आय का खुलासा किया गया। इस दौरान कर चोरी से जुड़े दस्तावेज भी विभाग की टीम ने जब्त किए हैं।
करोड़ों रुपये की कर चोरी के संदेह पर मंगलवार को आयकर विभाग की नोएडा रेंज की अलग-अलग टीम ने कंपनी के सेक्टर-10, 34, 81 के अलावा ग्रेटर नोएडा स्थित ठिकानों पर सर्वे शुरू किया। मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे से बुधवार तड़के 4 बजे तक दस्तावेज खंगाले गए। इस कंपनी की सेक्टर-81 में मुख्य ब्रांच है।
इस कंपनी में बिजली की केबल के अलावा उपकरण और सोलर प्लेटें बनाई जाती हैं। सूत्रों के मुताबिक जांच टीम को सर्वे के दौरान बिना बिल या फिर कच्चे बिल पर उत्पाद बेचने व कच्चा माल खरीदने के भी दस्तावेज मिले हैं। कंपनी ने करीब आठ करोड़ रुपये की अघोषित आय की घोषणा की है। हालांकि, जांच टीम बड़े पैमाने पर कर चोरी की संभावना जता रही है।
कर चोरी पर और कसेगा शिकंजा
वित्तीय वर्ष 2016-17 में आयकर विभाग ने जिले से करीब 740 करोड़ रुपये कर वसूला था, लेकिन वर्ष 2017-18 में यह आंकड़ा बढ़कर 950 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। नोटबंदी के बाद किए गए विभिन्न प्रयास से 210 करोड़ रुपये की आमदनी बढ़ी है, लेकिन एक हजार करोड़ रुपये कर चुकाने वाली एक बड़ी कंपनी ने आयकर विभाग दिल्ली से नाता जोड़ लिया है जिससे नोएडा रेंज को जोर का झटका लगा है। ऐसे में इस साल कर चोरी करने वालों पर कार्रवाई और तेज होने की बात कही जा रही है।