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फ्लैट बुक कराने की सोच रहे हैं तो हो जाइए अर्लट, ऐसे हो रही धोखाधड़ी

Sat, 23 Jun 2018 10:17 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला, नोएडा
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फ्लैट बुक कराने के नाम पर एक व्यक्ति से 10 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने थाना सेक्टर-39 में बिल्डर व उसकी पत्नी समेत चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोपियों के खिलाफ पहले भी नोएडा व दिल्ली में धोखाधड़ी के कई मामले दर्ज हैं। धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराने वाले सेक्टर-31 निवासी नरेश गर्ग के अनुसार 10 अप्रैल 2015 को राहुल सिंघानिया नाम के एक व्यक्ति ने उन्हें फोन किया। 

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उसने खुद को सेक्टर-63 स्थित स्पेस एरा इंफ्रा विजन बिल्डर कंपनी का सेल्स हेड बताया। साथ ही उसने नरेश गर्ग को ग्रेटर नोएडा पश्चिम स्थित कासा ग्रीन प्रोजेक्ट में सस्ती कीमत पर फ्लैट दिलाने का ऑफर दिया। नरेश गर्ग के कहने पर राहुल सिंघानिया और गुनगुन डोगरा नाम की महिला ने उन्हें प्रोजेक्ट साइट दिखाई। साथ ही उन्हें बताया कि वह बिल्डर के एसोसिएट पार्टनर भी हैं।

इसके बाद राहुल सिंघानिया ने नरेश गर्ग को अपने सेक्टर-63 स्थित ऑफिस बुलाकर अपनी कंपनी के निदेशक कुणाल डोगरा और सुरेन्द्र डोगरा से मिलवाया। दोनों कुणाल डोगरा सुरेन्द्र का बेटा है और गुनगुन डोगरा उसकी पत्नी है। ऑफिस में कुणाल और सुरेन्द्र ने नरेश गर्ग से कहा कि वह प्री-लॉचिंग ऑफर केतहत उन्हें तीन बीएचके का फ्लैट 41.72 लाख रुपये में दिलवा देंगे। नरेश के अनुसार आरोपियों के झांसे में आकर वह फ्लैट बुक कराने के लिए तैयार हो गए।

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घर में बुलाकर एक लाख रुपये नकद बुकिंग के तौर पर ले लिए।

- फोटो : प्रतिकात्मक फोटो
इसके बाद राहुल सिंघानिया और गुनगुन डोगरा ने उन्हें सेक्टर-45 स्थित आम्रपाली सोसायटी के अपने घर में बुलाकर एक लाख रुपये नकद बुकिंग के तौर पर ले लिए। इसके बाद नौ लाख रुपये छह मई 2015 को आरोपियों ने आरटीजीएस के जरिए नरेश गर्ग से ले लिए।

नरेश को भरोसा दिलाने के लिए कुणाल डोगरा ने उन्हें अपने एक्सिस बैंक के खाते का 10 लाख रुपये का एक चेक भी दिया। उसने नरेश गर्ग से कहा कि वह उन्हें ये चेक सिक्योरिटी के तौर पर दे रहा है। अगर उनका फ्लैट नहीं मिलता है तो वह जब चाहें बैंक में चेक लगा अपने रुपये निकाल सकते हैं।

एफआईआर में नरेश ने आरोप लगाया है उनसे रुपये लेने के बाद आरोपी गायब हो गए। वह आरोपियों को तलाशने के लिए उनकेऑफिस और घर पहुंचे लेकिन कोई नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने कुणाल द्वारा दिया गया चेक अपने खाते में कैश करने के लिए लगाया।

वह चेक बाउंस हो गया। काफी दिनों तक वह आरोपियों से रुपये मिलने की आस में इधर-उधर के चक्कर काटते रहे। अब उन्होंने मामले में थाना सेक्टर-39 में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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एक माह पहले जमानत पर छूटा है कुणाल डोगरा

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बताया जा रहा है कि कुणाल डोगरा अप्रैल 2018 में ही जमानत पर छूटकर जेल से बाहर निकला है। उसकी पत्नी गुनगुन डोगरा ने गिरफ्तारी पर स्टे ले लिया था। वह स्टे भी अब खत्म हो चुका है।

सुरेन्द्र डोगरा और राहुल सिंघानिया अब भी गौतमबुद्धनगर की लुक्सर जेल में बंद हैं। अब नई एफआईआर दर्ज होने के बाद कुणाल और गुनगुन डोगरा पर फिर गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है।

30 जनवरी 2017 को एसटीएफ ने किया था गिरफ्तार
कुणाल डोगरा, उसके पिता सुरेन्द्र डोगरा, पत्नी गुनगुन डोगरा और राहुल सिंघानिया के खिलाफ नोएडा के थाना सेक्टर-39 व 58 में पहले से दो मामले दर्ज हैं। दिल्ली में भी इनके खिलाफ एक एफआईआर दर्ज है। 30 जनवरी 2017 को यूपी एसटीएफ ने कुणाल और उसके पिता सुरेन्द्र डोगरा को नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे स्थित महामाया फ्लाई ओवर के पास से गिरफ्तार किया था। उस वक्त पूछताछ में बाप-बेटे ने एसटीएफ को 12 लोगों से ठगी करने की बात बताई थी। कुणाल ने वर्ष 2014 में नोएडा में रहने वाले अपने स्कूल के दोस्त निपुण बंसल से भी 39 लाख रुपये की ठगी की थी।
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