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..तो ऐसे बना था अब्दुल सुभान कुरैशी भारत का 'लादेन'

Tue, 23 Jan 2018 11:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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abdul subhan qureshi
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गुजरात में धमाके करने से पूर्व सिमी और आईएम ने बकायदा पूरी तैयारी की थी। केरल, कर्नाटक, मध्यप्रदेश और गुजरात केे अलग-अलग हिस्सों में तौकीर व सफदर नागोरी ने चार ट्रेनिंग कैंप का आयोजन किया था।

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इन कैंप में युवा बेरोजगार लड़कों व चयन किए गए अन्य युवकों को जिहाद का पाठ पढ़ाकर उन्हें आतंक के लिए ट्रेनिंग दी गई थी। मुख्य रूप से 2006 में मुंबई ट्रेन में हुए आतंकी हमले के बाद तौकीर का नाम सामने आया था।

इसकेे बाद वह अंडर ग्राउंड हो गया था, लेकिन उसने भटकल बंधुओं व सफदर के साथ मिलकर आतंक की गतिविधियां जारी रखीं। पुलिस अधिकारी के मुताबिक 2007 में कैसल रॉक-हुबली, कर्नाटक में ट्रेनिंग कैंप का आयोजन किया था।

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abdul subhan qureshi - फोटो : kumar sanjay
कैंप में बड़े आतंकी हमले और बम धमाके करने की ट्रेनिंग दी गई। इसके बाद नवंबर 2007 में चौरल-इंदौर, मध्यप्रदेश में दूसरे कैंप का आयोजन किया गया। इसके बाद दिसंबर 2007 में केरल के वागमॉन में तीसरा कैंप का आयोजन हुआ।

बाद में हलोल, गुजरात में जनवरी 2008 में चौथे कैंप का आयोजन किया गया। इन कैंप में फिजीकल ट्रेनिंग, साइकोलॉजिकल ट्रेनिंग, पहाड़ पर चढने, तैरने, मैप रीडिंग, पिस्टल फायरिंग और बम बनाने की ट्रेनिंग दी गई।

कैंप के मुख्य आयोजक व ट्रेनर सफदर और तौकीर रहे। कैंप में जिहाद का पाठ पढ़ाया जाता था। सफदर की गिरफ्तारी के बाद वह सिमी का मुखिया बन गया।

बाद में मई-जून 2008 में तौकीर ने रियाज भटकल और अन्य लोगों से पुणे में मुलाकात की। वहां उसने अपने बम ब्लास्ट करने की साजिश और अपने जिहादी सदस्यों की जानकारी भटकल को दी। इसके बाद 26 जुलाई 2008 में अहमदाबाद मेें बम विस्फोट कर दिया गया।
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जिहादी विचारों की वजह से बना भारत का बिन लादेन 

abdul subhan qureshi - फोटो : kumar sanjay
तौकीर 15-16 साल की उम्र से ही जिहादी विचारधारा से प्रभावित हो गया था। पढ़ाई करने के साथ उसके मन में जिहाद को लेकर ख्याल चलते रहे।

1999 में नौकरी छोड़कर वह सिमी से जुड़ गया। धीरे-धीरे वह आतंक की गतिविधियों में शामिल हो गया। उसकी कट्टर गतिविधियों के लिए लोग उसे भारत का ओसामा बिन लादेन कहने लगे।

उसकी तकनीक और योग्यता ने उसे और भी मजबूत कर दिया। यहां तक की आतंकी भी उसे भारत का ओसामा के नाम से जानने लगे। 
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