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आस्था कुंज गैंगरेप: आरोपी के मोबाइल में मिला जोड़े को धमकाने का वीडियो

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पीड़िता के साथ वारदात से पहले भी जोड़ों को बनाते थे निशाना, पुलिस जांच में सामने आई कई अहम बातें
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पुरुषोत्तम वर्मा
नई दिल्ली। कालकाजी मंदिर से सटे आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस जांच में नया खुलासा हुआ है। मामले के मुख्य आरोपी मूलरूप से अलीगढ़, उत्तर प्रदेश निवासी आसिफ (34) के मोबाइल से एक वीडियो मिला है। इसमें वह आस्था कुंज पार्क में एक जोड़े का वीडियो बनाते हुए उन्हें धमकाता नजर आ रहा है। पुलिस को आशंका है कि आरोपी पहले भी इसी तरह जोड़ों को डराकर उनके साथ बदसलूकी करते थे।
दक्षिण-पूर्व जिले के एक पुलिस अधिकारी के अनुसार आसिफ और दो सगे भाई हेमंत उर्फ हेमू व मनीष पहले श्रीनिवासपुरी कैंप के एक ही मोहल्ले में रहते थे। करीब आठ-नौ साल पहले क्रिकेट खेलने के दौरान तीनों की जान-पहचान हुई थी। आसिफ की हेमंत से अधिक दोस्ती थी। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि तीनों आस्था कुंज पार्क में जाते थे और वहां जोड़ों की वीडियो बनाकर उन्हें धमकाते थे।
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आरोपी खुद को पुलिस से जुड़ा बताने का आभास देने के लिए पीड़ितों के सामने आसिफ को ‘जनाब’ और ‘सर’ जैसे संबोधनों से बुलाते थे। इसके बाद एफआईआर दर्ज कराने, उन्हें पकड़ने और परिजनों को सूचना देने की धमकी देकर डराया जाता था। पुलिस को संदेह है कि इसी तरीके से वे अन्य लड़कियों के साथ भी बदसलूकी करते थे। आसिफ ओखला मंडी में प्याज बेचता था।
पत्नी ने भी लगाए गंभीर आरोप
आरोपी आसिफ की पत्नी ने अमर कॉलोनी थाने में उसके खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। उसने पुलिस को बताया कि आसिफ ने उसकी एक महिला रिश्तेदार के साथ भी दुष्कर्म किया था। पत्नी ने उसके चाल-चलन पर भी सवाल उठाए हैं। पुलिस इन आरोपों की भी जांच कर रही है।
वारदात के बाद पीड़िता को डराकर भगाया
जांच में सामने आया है कि वारदात के बाद आरोपियों ने नाबालिग को यह कहकर डरा दिया कि पुलिस की जिप्सी पार्क में पहुंचने वाली है और उनके खिलाफ मामला दर्ज हो जाएगा। उन्होंने बदनामी का डर भी दिखाया। इसके बाद पीड़िता पार्क से बाहर आ गई। उसके दोस्त ने बाहर आकर पुलिस को सूचना दी।
पुराने मामले से मिला आरोपी का सुराग
पुलिस के मुताबिक, वर्ष 2025 में एक अमेरिकी नागरिक से लूट के मामले की जांच के दौरान आसिफ का नाम और फोटो पुलिस के सामने आया था। उस मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। हालांकि लूट में आसिफ का नाम नहीं आया था। जांच के दौरान पुलिस को उसके बारे में यह जानकारी मिली थी कि वह पार्क में जोड़ों के साथ बदसलूकी और उन्हें धमकाने में शामिल रहता था। इसके बाद पुलिस ने उसके पुराने फोटो को सोशल मीडिया पर उपलब्ध तस्वीरों से मिलाकर नई फोटो हासिल की। पीड़ितों को संदिग्धों की कई तस्वीरें दिखाई गईं। इनमें पीड़िता ने आसिफ को पहचान लिया और उसके हुलिए की जानकारी भी पुलिस को दी।
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भाइयों की कॉल से भी हुई मौजूदगी की पुष्टि
पुलिस के अनुसार आसिफ के साथ गिरफ्तार हेमंत और मनीष ने घटना के दौरान मौके पर एक-दूसरे को मोबाइल फोन से कॉल की थी। एक भाई ने दूसरे को लड़की के पास से अपने पास बुलाया था। कॉल डिटेल और घटनाक्रम के मिलान से पुलिस को तीनों की आस्था कुंज में मौजूदगी से जुड़ा अहम सुराग मिला है। इस मामले में पुलिस ने सामूहिक दुष्कर्म और पुलिस मुठभेड़ से जुड़े दो अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं।
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