वहीं पीठ के समक्ष निर्वाचन आयोग के वकील अमित शर्मा ने दलील दी कि इस संदर्भ में आयोग नया जवाब दायर नहीं करेगा। आयोग आप के अन्य आठ विधायकों को पूरी तरह अयोग्य करार दिए जाने के खिलाफ दाखिल उनकी याचिका पर दायर किए गए शपथपत्र को फिर से पूरी तरह पारित करेगा।
कोर्ट में आप के चार विधायकों के वकील ने यह तर्क दिया कि वे भी चुनाव पैनल के शपथ पत्र के जवाब में आठ अन्य विधायकों में से एक की ओर से दायर प्रत्युत्तर ही पूरी तरह स्वीकार करेंगे।
गौरतलब है कि निर्वाचन आयोग ने पिछले सप्ताह दायर अपने जवाब में अदालत से कहा था कि याचिकाएं विचार करने योग्य नहीं हैं और इन्हें खारिज किया जाना चाहिए।