प्रदेश में हाल ही बना एक नया गठबंधन परिपक्व होने से पहले ही दम तोड़ गया है। हालांकि इस गठबंधन ने जींद उपचुनाव तो साथ-साथ लड़ा था, लेकिन इस उपचुनाव के बाद गठबंधन के दोनों सियासी दलों आम आदमी पार्टी (आप) और जननायक जनता पार्टी (जजपा) की दोस्ती टूट गई है।
दोनों दल इस गठबंधन को हरियाणा में आगे बढ़ाते हुए आगामी लोकसभा और उसके बाद विधानसभा चुनाव एकसाथ लड़ने की तैयारी में थे। लेकिन चुनाव से पहले ही सीट बंटवारे को लेकर दोनों दलों में सहमति नहीं बन पाई। इसके चलते इस गठबंधन के आगे बढ़ने की संभावनाएं क्षीण हो गई है। आप के प्रदेश संयोजक ने तो ट्वीट कर इस गठबंधन के खत्म होने का दावा भी कर दिया है।
लोकसभा चुनाव से पहले ही इस गठबंधन का टूटना जहां जहां हरियाणा में भाजपा के लिए राहत की बात है, वहीं कांग्रेस और इनेलो को भी इसका फायदा होगा। क्योंकि जींद उपचुनाव में इस गठबंधन ने जींद में अच्छे खासे वोट हासिल कर दूसरा स्थान प्राप्त किया था। अब चूंकि आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल का फोकस हरियाणा में पूरी तरह से बना हुआ है, ऐसी स्थिति में आने वाले समय में ये गठबंधन और मजबूत होता।
इस गठबंधन को लेकर आप के प्रदेश संयोजक नवीन जयहिंद ने बताया कि हरियाणा में आप अब लोकसभा की दस और विधानसभा की नब्बे सीटें अपने दम पर लड़ेगी। उन्होंने कहा कि जजपा के साथ गठबंधन की बात अब खत्म हो गई है। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में हरियाणा में जजपा उन्हें 10 में से 2 सीटें दे रही है और बदले में दिल्ली की एक सीट मांग रही है। नवीन जयहिंद ने कहा कि पता नहीं जजपा कौन सी दुनिया में है। उन्होंने कहा कि इस बात को लेकर जजपा को काफी समझाया गया, लेकिन जजपा मानने को तैयार नहीं है।