दिल्ली कैबिनेट ने परिवहन विभाग के बसों में सीसीटीवी कैमरा, ऑटोमेटिक व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम, पैनिक बटन व पैनिक अलार्म लगाने के प्रस्ताव को भी मंजूर किया है। कैबिनेट ने परिवहन मंत्री को इस प्रोजेक्ट की सेवा-शर्तें का तय करने के लिए अधिकृत किया है।
अधिकारी बताते हैं कि सभी 1000 बसें एक साथ नहीं आएगी। इन्हें अलग-अलग मे चरणों में उतारा जाएगा। पहले फेज के टेंडर की प्रक्रिया अगले सप्ताह शुरू होगी। इस फेज की बसें 2019 तक सड़क पर आ जाएंगी।
पहले से चल रहा ट्रायल सफल
दिल्ली सरकार ने एक हजार इलेक्ट्रिक बसों को राजधानी की सड़कों पर उतारने के पहले इलेक्ट्रिक बसों का ट्रायल शुरू कर दिया था। 522 नंबर रूट पर आंबेडकर नगर टर्मिनल से इंद्रपुरी (कृषि कुंज) के बीच एक इलेक्ट्रिक बस चलाई जा रही है।
अधिकारी बताते हैं कि ई-बस का ट्रायल सफल रहा है। बसों का ऑपरेशनल कॉस्ट प्रति किलोमीटर 80-100 रुपये बीच आएगा। इलेक्ट्रिक बस चॉर्ज करने में 6 से 7 घंटे का समय लगेगा। एक बार फुल चॉर्ज होने पर बस करीब 200 किलोमीटर की दूरी तय करेगी।