पंजाब व गोवा विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुकी आम आदमी पार्टी ने गुजरात को भी सियासी रडार पर ले लिया है। प्रदेश में पार्टी की संगठन की तैयारियों को परखने के मकसद से आप के संजय सिंह व आशुतोष 9 अगस्त को गुजरात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गढ़ माने जाने वाले अमरेली इलाके में रैली करने जा रहे हैं। इसके हफ्ते भर बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सूरत से आप का चुनावी बिगुल फूंक देंगे।
दरअसल, पार्टी की पूरी कोशिश कांग्रेस का विकल्प बनने की है। लिहाजा वह उन्हीं राज्यों में चुनावी अभियान पर निकल रही है, जहां भाजपा या उसकी सहयोगी दलों की सरकार हैं।
जाब, गोवा के बाद गुजरात के चुनावी मैदान में कूदने की योजना इसी रणनीति का हिस्सा है। पार्टी रणनीतिकारों का मानना है कि 2019 से पहले अगर आप की दूसरे राज्यों में भी मजबूत भागीदारी हो जाती है तो लोकसभा चुनाव को बेहतर तरीके से लड़ा जा सकता है।
इसी रणनीति के तहत गुजरात की पूर्व मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल के इस्तीफे पर केजरीवाल ने टिप्पणी की थी। उन्होंने ट्वीट किया था कि आनंदी बेन का इस्तीफा गुजरात में आप की बढ़ती लोकप्रियता का नतीजा है। भाजपा गुजरात में बुरी तरह डरी हुई है।