भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच पूर्वांचल समुदाय पर पर छिड़ी सियासी जंग में आप ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है। पार्टी अब पूर्वांचल बहुल इलाकों में अभियान चलाने जा रही है। इस दौरान दिल्ली सरकार की तरफ से पिछले करीब साढ़े चार सालों में किए गए कामों पर चर्चा होगी।
वहीं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन होगा। मंगलवार देर रात मुख्यमंत्री आवास पर पूर्वांचल शक्ति की बैठक में यह फैसला लिया गया। मुख्यमंत्री केजरीवाल के पूर्वांचली पर आए दो बयानों के बाद भारतीय जनता पार्टी लगातार आप पर निशाना साध रही है।
एनआरसी लागू होने पर दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी के बाहर जाने और बिहार से टिकट लेकर दिल्ली में इलाज कराने आने वाले लोगों से जुड़े केजरीवाल के बयान को भाजपा पूर्वांचल विरोधी करार दे रही है। इसके लिए दिल्ली भाजपा के नेता सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक आप के खिलाफ मुहिम छेड़े हुए हैं।
हालांकि आप भाजपा के हमले को दिल्लीवालों को भ्रमित करने की चाल बता रही है। फिर भी पूर्वांचल के लोगों के बीच अपनी पकड़ मजबूत बनाने के लिए आप नए सिरे मुहिम शुरू करने जा रही है।
मंगलवार देर रात आप सांसद व दिल्ली चुनाव प्रभारी संजय सिंह ने इस बारे में एक बैठक ली। इसमें फैसला किया गया है कि पूर्वांचल से ताल्लुक रखने वाले आप के नेता अब उन इलाकों में बैठकें करेंगे, जहां पूर्वांचल के लोगों की संख्या ज्यादा है।
तिवारी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर आप ने किया वायरल
आम आदमी पार्टी (आप) ने पूर्वांचल के मसले पर भाजपा के हमले को कुंद करने के लिए उनके ही प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी का सहारा लिया है। इसके लिए भाजपा में आने से पहले तिवारी के बयानों को आधार बनाया है। आप इसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल कर रही है।
आप के चुनाव प्रभारी संजय सिंह का आरोप है कि सपा में रहते वक्त मनोज तिवारी ने भाजपा को पूर्वांचल के लोगों का विरोधी बताया था। जबकि प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद वह भाजपा को पूर्वांचल का हितैषी बता रहे हैं।