राजधानी में सीलिंग मसले का समाधान निकालने की कमान भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने अपने हाथों में ले ली है। सूत्रों के अनुसार अमित शाह केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी की मदद के अलावा उपराज्यपाल और वरिष्ठ अधिकारियों से बात कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, शाह अध्यादेश या विधेयक का प्रारूप तैयार कराने पर राय ले रहे हैं। कोशिश है कि अध्यादेश या विधेयक ऐसा हो जो कोर्ट में भी खरा उतरे और उसमें संशोधन की आवश्यकता नहीं पड़े।
दरअसल व्यापारी तबका भाजपा का वोट बैंक माना जाता है और केंद्र एवं नगर निगम में भाजपा की सरकार होने के बावजूद उनका कारोबार सीलिंग कार्रवाई के चलते बंद हो रहा है।
सुप्रीम कोर्ट की निगरानी समिति के निर्देश पर नगर निगम व्यापारियों की दुकानें सील कर रही है, वहीं केंद्र सरकार सीलिंग से बचाने की कोई पहल नहीं कर पाई है। दिल्ली में 20 विस क्षेत्रों के उपचुनाव कभी भी होने की संभावना के चलते भाजपा आलाकमान परेशान है।
दिल्ली के व्यापारियों पर वर्ष 2006-07 में सीलिंग कार्रवाई की गाज गिरी थी, तब नगर निगम और केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी। कांग्रेस को इस सीलिंग कार्रवाई का गुस्सा झेलना पड़ा पड़ा था और उसके बाद से वह लगातार तीन बार से नगर निगम चुनाव हार रही है।