आम आदमी पार्टी (आप) ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें घटने के बावजूद डीजल व पेट्रोल के भारत में सस्ता न होने पर केंद्र सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। आप का आरोप है कि केंद्र सरकार आम आदमी की जेब पर डाका डाल रही है। आलम यह है कि आम आदमी की बाइक और स्कूटर में डलने वाला पेट्रोल जहाज के ईंधन से महंगा है। पार्टी की मांग है कि तत्काल प्रभाव से पेट्रोल व डीजल के दाम में कटौती की जाए।
पार्टी दफ्तर में मीडिया से बात करते हुए वरिष्ठ आप नेता राघव चड्ढा ने कहा कि पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाकर केंद्र सरकार ने अपने लिए लगभग 16 लाख करोड़ रुपये का खजाना तैयार कर लिया है। केंद्र सरकार ने बीते 6 साल में करीब 12 बार एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई है। इससे आज पेट्रोल और डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं। चड्ढा ने मांग की कि देश में चरम पर पहुंची बेरोजगारी और कोरोना के खौफ के बीच केंद्र सरकार को तत्काल प्रभाव से पेट्रोल व डीजल की कीमतें कम करनी चाहिए। इससे आम लोगों को थोड़ी राहत मिलेगी।
राघव चड्ढा ने कहा कि इस समय में दिल्ली में पेट्रोल 69.87 व डीजल 62.50 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है। वहीं एविएशन फ्यूल की कीमत 56.86 रुपये लीटर है। यही नहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का रेट 15 साल पहले वाला है। लेकिन केंद्र सरकार ने कीमत घटाने की जगह 3 रुपये बढ़ा दी है जबकि हिंदुस्तान में डीजल और पेट्रोल के दाम सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय बाजार से जुड़े हैं।
राघव चड्ढा ने सवाल किया जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 55 फीसदी तक नीचे आई है, तो बाइक व स्कूटर के पेट्रोल की कीमत नीचे क्यों नहीं आई। अगर कच्चे तेल की घटी कीमतों का फायदा आम लोगों को मिलता तो दिल्ली में पेट्रोल 39.76 रुपये और डीजल 31 प्रति लीटर होता।