आम आदमी पार्टी (आप) ने बिजली सब्सिडी पर एक बार फिर भाजपा को कठघरे में खड़ा किया है। पार्टी का सवाल है कि भाजपा दिल्लीवालों को मिल रहे फायदे को खत्म क्यों करना चाहती है। साथ ही आशंका जताई है कि कहीं भाजपा नेताओं व बिजली कंपनियों के बीच समझौता तो नहीं हो गया है। इस मसले पर आप सांसद संजय सिंह ने दिल्ली प्रदेश चुनाव प्रभारी प्रकाश जावड़ेकर को पत्र लिखकर जवाब मांगा है।
पार्टी कार्यालय में मीडिया से बात करते हुए संजय सिंह ने कहा कि भाजपा सांसद विजय गोयल का बिजली सब्सिडी खत्म करने से जुड़ा बयान आने के बाद दिल्लीवालों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। लोगों को समझ में नहीं आ रहा है कि भाजपा की बिजली सब्सिडी के मसले पर क्या योजना है। इसे दूर करने के लिए केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के दिल्ली प्रदेश चुनाव प्रभारी प्रकाश जावड़ेकर को पत्र लिखकर इस पर स्पष्टीकरण मांगा है।
संजय सिंह ने कहा कि यदि एक सांसद को 50 हजार यूनिट सालाना मुफ्त बिजली मिल सकती है तो एक गरीब आदमी को 2400 यूनिट मुफ्त बिजली क्यों नहीं दी जा सकती? संजय सिंह ने कहा कि आज जब देश के सभी राज्यों में बिजली के दाम आसमान छू रहे हैं, ऐसी स्थिति में भी मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली और 400 यूनिट तक आधे दामों में बिजली, दिल्ली की गरीब जनता को मुहैया कराने का ऐतिहासिक कदम उठाया है।
संजय सिंह के सवाल:
दिल्ली भाजपा 200 यूनिट तक फ्री बिजली दिए जाने के फैसले को खत्म क्यों करना चाहती है? 400 यूनिट तक आधे दाम की छूट को खत्म करके दिल्ली की जनता को मिलने वाली राहत क्यों खत्म करना चाहती है?
भाजपा नेताओं और बिजली कंपनियों के बीच क्या गोपनीय समझौता हुआ है? सार्वजनिक करने की कृपा करें।
क्या दूसरे भाजपा शासित राज्यों की तरह दिल्ली में भी बिजली के दाम बढ़ाकर भाजपा आम आदमी की राहत को खत्म कर देगी? यदि नहीं तो भाजपा शासित राज्यों में कब तक 200 यूनिट तक बिजली फ्री हो जाएगी?