ईडी ने बीते बुधवार को पांचवां समन भेजकर केजरीवाल को पूछताछ में शामिल होने को कहा था। इससे पहले बीते चार महीने में मुख्यमंत्री चार बार समन जारी होने के बावजूद ईडी के सामने पेश नहीं हुए।
हालांकि आप ने अभी केजरीवाल के ईडी के सामने पेश होने या न होने के सवाल पर चुप्पी साध रखी। लेकिन पार्टी सूत्रों ने कहा कि वह इस बार भी पूछताछ के लिए नहीं जाएंगे। पार्टी ने हर बार यही कहा है कि ईडी का यह समन गैरकानूनी है। केजरीवाल ने ईडी को दिए जवाब में पूछा था कि यदि वह आबकारी नीति से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी नहीं हैं, तो उन्हें समन क्यों जारी किया गया।
केजरीवाल आरोप लगाते रहे हैं कि फर्जी मामले में जांच एजेंसी ने आप के कई नेताओं को जेल में डाल रखा है। अब भाजपा पूछताछ के बहाने उनको भी गिरफ्तार कराना चाहती है। उसका मकसद आप के लोकसभा चुनाव प्रचार को रोकना है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी संपत्ति ईमानदारी है। झूठे आरोप व फर्जी समन भेजकर ईमानदारी पर चोट की जा रही है।
वहीं शुक्रवार को केजरीवाल चंडीगढ़ मेयर चुनाव में कथित धोखाधड़ी के खिलाफ भाजपा मुख्यालय के बाहर पंजाब मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ विरोध प्रदर्शन में भाग लेने वाले हैं।
बता दें कि 30 जनवरी को चंडीगढ़ मेयर चुनाव हुए हैं। इसमें भाजपा उम्मीदवार मनोज सोनकर को 16 मत मिले। वहीं कांग्रेस-आप गठबंधन के उम्मीदवार कुलदीप कुमार को 12 वोट मिले। आठ मतों को अमान्य घोषित कर दिया गया। इसके बाद विपक्षी दलों ने चंडीगढ़ प्रशासन और सरकार पर धांधली का आरोप लगाया। अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट जा पहुंचा है। जहां तीन सप्ताह बाद सुनवाई होगी।