आम आदमी पार्टी ने नगर निगम के प्रचार पर सवाल उठाया है। पार्टी ने कहा है कि भाजपा शासित नगर निगम हमेशा अपने पास पैसों की कमी की बात कहता रहता है। वह अपने कर्मचारियों का वेतन भी नहीं दे पाता है। लेकिन उसके पास अपना प्रचार करने के लिए खूब पैसा है और वह अनेक अखबारों में लाखों रुपये का प्रचार कर रहा है। पार्टी ने कहा है कि भाजपा को प्रचार युद्ध करने की बजाय जमीनी मुद्दों पर जनता के हित की राजनीति करना चाहिए।
इसके पहले भाजपा भी दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर अपने प्रचार में जनता की कमाई का भारी धन खर्च करने का आरोप लगाती रही है।
आम आदमी पार्टी नेता दुर्गेश पाठक ने सोमवार को एक प्रेस कांफ्रेस के दौरान कहा कि नगर निगम में हजारों करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार हुआ है। इसकी सीबीआई जांच की जानी चाहिए। भाजपा नेता स्वयं भी नगर निगमों में भ्रष्टाचार होने की बात मानते रहे हैं, ऐसे में भाजपा को निगम के भ्रष्टाचार की जांच करने के लिए सीबीआई जांच को अनुमति देनी चाहिए। लेकिन भाजपा नेता इससे इनकार कर भ्रष्टाचार का संरक्षण कर रहे हैं।
दुर्गेश पाठक ने कहा कि भाजपा निगम के पैसे के लिए दिल्ली सरकार पर 13 हजार करोड़ बकाया होने का निरर्थक आरोप लगा रही है। इसकी बजाय उसे अपने संसाधनों का उचित प्रयोग करना चाहिए। जिस प्रकार अरविंद केजरीवाल सरकार ने केवल अपने पैसे का उपयोग कर दिल्ली का विकास ही नहीं किया, बल्कि जनता के हित में अनेकों योजनाएं चलाईं, उसी प्रकार से भाजपा को नगर निगमों में करके दिखाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भाजपा जो काम नहीं कर पाई है, आम आदमी पार्टी अगली बार नगर निगम की सत्ता में आने के बाद करके दिखाएगी। उन्होंने कहा कि इस बार नगर निगम के चुनाव में भाजपा का सफाया हो जाएगा।