उदित राज ने रिपोर्ट कार्ड को झूठा ठहराते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को खुली चुनौती दी है कि केजरीवाल अपने 9 विधायक और उनके कार्यों का पूरा ब्योरा एक साथ सार्वजनिक करें। उन्होंने कहा कि नरेला में मेट्रो, किराड़ी में जाम और घेवरा इलाके में अब तक जमीन का अधिग्रहण न होना दिल्ली सरकार का रवैया है। उन्होंने कहा कि वे पहले भी कई बार आप और दिल्ली के मुख्यमंत्री को सार्वजनिक मंच पर आकर बहस करने की चुनौती भी दे चुके हैं।
उन्होंने बताया कि आदर्श गांव के तहत उन्होंने जौंती, खामपुर, बुढनपुर और सलाहपुर माजरा गांव गोद लिया था। पूरे कार्यकाल में सांसद निधि के जरिए उन्होंने 332 विकास कार्य कराए हैं। सांसद निधि के 37.5 में से 26.41 करोड़ रुपये विकास कार्य में खर्च कर चुके हैं। जौंती गांव में 15 करोड़ की लागत से मुख्य द्वार का निर्माण, महिला एवं पुरुष शौचालय एवं स्नानघर का निर्माण, 3 हाई-मास्ट एवं एलईडी लाइट, 2 करोड़ की राशि से फिरनी रोड का निर्माण, सीनियर सेकेंडरी स्कूल में 10 लाख रुपये का आरओ सिस्टम लगाया। 35 वर्षों से 50 बेड का अस्पताल बनाने के लिए जमीन खाली पड़ी थी, पहली बार इस अधूरे कार्य को पूरा करने की शुरुआत की।
वर्षों से कंझावला से कुतुबगढ़ तक सड़क के बीच में पेड़ खड़े थे जिससे सैकड़ों मौतें हो गईं। एक करोड़ 8 लाख रुपये पीडब्लूडी से वन विभाग को दिला कर 191 पेड़ कटवाए। युवाओं के लिए शानदार स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स का निर्माण लगभग 4 करोड़ रुपये की लागत से सांसद निधि से कराया। 2 सालों में 100 से अधिक महिलाओं को सिलाई प्रशिक्षण दिया जा चुका है। जौंती व झीमरपुरा पार्क में 17 लाख की लागत से 2 ओपन जिम लगाए। खामपुर में एयरपोर्ट ऑथोरिटी से 40 लाख राशि से गलियों एवं नालियों का विकास कराया।