यस बैंक संकट पर आम आदमी पार्टी (आप) ने केंद्र सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। पार्टी का आरोप है कि खुद को हिंदू हितैषी बताने वाली भाजपा सरकार ने बैंक के 18 लाख हिंदू खाताधारकों की जमा पूंजी भी डकार ली है। इस मामले में मंदिर को भी नहीं छोड़ा। भगवान जगन्नाथ ट्रस्ट के 545 करोड़ रुपये भी भाजपा के चहेते उद्योगपति डकार गए।
आप विधायक राघव चड्ढा ने पार्टी दफ्तर में मीडिया से बात करते हुए कहा कि निजी क्षेत्र का यस बैंक आज दिवालिया होने के कगार पर है। यही नहीं, 2014 से अब तक दूसरे कई छोटे-छोटे बैंक कंगाल हो गए। यस बैंक संकट से लाखों लोगों की जीवन भर की गाढ़ी जमा पूंजी डूबने वाली है। राघव चड्ढा का आरोप है कि यस बैंक के संकट की बड़ी वजह बड़े-बड़े पूंजीपतियों को करोड़ों रुपये ऋण देने से बनी है। बीते पांच साल में दिया गया सारा ऋण अब उद्योगपति लौटाने को तैयार नहीं है।
राघव चड्ढा ने बताया कि यस बैंक में पैसा डूबने वाले करीब 21 लाख ग्राहकों में से लगभग 18 लाख हिंदू हैं। जबकि भाजपा खुद को हिंदू रक्षक पार्टी बताती है। उन्होंने सवाल किया कि ऐसी हालत में भाजपा ने हिंदुओं की जमा पूंजी की सुरक्षा निश्चित की? राघव चड्ढा ने कहा कि भगवान जगन्नाथ ट्रस्ट के बैंक में जमा 545 करोड़ रुपये पर भी संकट है।
चड्ढा ने आरोप लगाया कि सीएए, एनआरसी और एनपीआर की आड़ में भाजपा दंगा करवाकर देश का ध्यान अहम मुद्दे से हटाना चाहती है। साथ ही आशंका जताई कि एक-एक करके दिवालिया हो रहे बैंकों से लोगों का बैंकिंग व्यवस्था से विश्वास उठता जा रहा है। जनता घर में पैसा रखना ज्यादा सुरक्षित महसूस करने लगी है।