- परमल की सब्जी खाने के बाद बिगड़ी थी परिवार की हालत
- कुचेसर चौपला का मामला, बीमार बच्चों को अस्पताल में कराया भर्ती
- सीएमओ के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने किया निरीक्षण
दिल्ली के स्कूलों में मैथिली भाषा को वैकल्पिक विषय के रूप में लागू करने की दिल्ली सरकार की योजना की आप ने तारीफ की है। पार्टी का दावा है कि इस योजना ने दिल्ली में रहने वाले लाखों पूर्वांचलियों की भावनाओं का सम्मान किया है। पार्टी ने मांग की है कि भाजपा सांसद मनोज तिवारी और रवि किशन को भोजपुरी भाषा को 8वीं सूची में शामिल कराने की आवाज संसद में उठानी चाहिए।
विज्ञापन
मंगलवार को मीडिया से बातचीत में वरिष्ठ नेता राघव चड्ढा ने कहा कि अब दिल्ली सरकार के स्कूलों में उर्दू, संस्कृत और पंजाबी भाषा की तरह मैथिली भी वैकल्पिक विषय के तौर पर पढ़ाई जाएगी। बच्चे अपनी मर्जी से वैकल्पिक विषय के तौर पर संस्कृत, उर्दू, पंजाबी और मैथिली में से चयन कर सकेंगे।
दिल्ली सरकार भोजपुरी को भी स्कूली पाठ्यक्रम में लाना चाहती है, लेकिन यह अभी 8वीं अनुसूची में शामिल नहीं है। दिल्ली सरकार व आप केंद्र सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश कर रही है कि भोजपुरी को इसमें शामिल किया जाए।