मामले पर कोर्ट में बहस के वक्त सरकारी वकील ने ये दलील दी कि जांच अधिकारी ने बिल्कुल सही चार्टशीट दायर की है और आरोपियों पर लगाए गए आरोप बिल्कुल सही हैं। उन्होंने आचार संहिता का उल्लंघन किया है।
जबकि बचाव पक्ष के वकील ने दलील दी कि सात दिनों के भीतर आप नेताओं पर दो एफआईआर दर्ज की गईं। जहां तक खेतान की बात है वह लोकसभा चुनावों के उम्मीदवार हैं और दिल्ली सीट के लिए खड़े हुए हैं।
वह केवल उन्हीं इलाकों में प्रचार कर रहे थे जो इलाके उनकी सीट के दायरे में आते हैं। उन इलाकों में करीब 125 पुलिस थाने आते हैं लेकिन फिर भी केवल रंजीत नगर थाने में ही उनके खिलाफ दो एफआईआर दर्ज की गईं।
बचाव पक्ष के वकील ने आगे कहा, यदि यह आचार संहिता का उल्लंघन है तो कोर्ट में किसी चुनाव अधिकारी को शिकायत करनी चाहिए थी जबकि शिकायत संबंधित इलाके के एसीपी ने की।