मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अपनी सभाओं में अभी से बोल रहे हैं कि अगर आप के दिल्ली से सात सांसद होते तो दिल्ली में सीलिंग नहीं होने पाती। उनके सांसद इस मसले पर संसद को ठप कर देते। इस दौरान वह अगले चुनाव में सातों सीट आप को देने की मतदाताओं से गुजारिश कर रहे हैं। माना जा रहा है कि केजरीवाल लोगों की इसी धारणा को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, जिसमें केंद्र के लिए वोट किसी दूसरे दल को और दिल्ली के लिए आप को देने की बात होती है।
पंजाब व हरियाणा पर भी रहेगा खास फोकस
आप रणनीतिकार बताते हैं कि पार्टी दिल्ली की सात सीटों के अलावा पंजाब व हरियाणा की लोक सभा सीटों पर अपने लिए स्पेस तलाश कर रही है। बीते चुनाव में पंजाब की 13 सीटों में चार पर आप ने विजय भी हासिल की थी। वहीं, प्रदेश में आप फिलहाल वहां मुख्य विपक्षी दल की भूमिका में है।
पंजाब में पार्टी के भीतर चल रहे विवाद को दूर करने की पहल भी केजरीवाल ने बीते दिनों की है। पार्टी सभी नाराज नेताओं को सुलह-समझौते की मेज पर ला रही है। दूसरी तरफ हरियाणा की 10 सीटों के लिये केजरीवाल लगातार दौरा कर रहे हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ की कुछ सीटें भी आप की नजर में है।