दिल्ली विधानसभा का विशेष सत्र शुक्रवार तक बढ़ा दिया गया। दूसरे दिन भी इसकी शुरुआत हंगामेदार रही। कार्रवाई शुरू होते ही आम आदमी पार्टी के विधायकों ने भाजपा पर नगर निगम में 2500 करोड़ रूपये के कथित घोटाले का आरोप लगाते हुए सदन में बैनर लहराए। मुख्यमंत्री केजरीवाल ने भी अपने भाषण के दौरान भाजपा पर कई आरोप लगाए।
केजरीवाल ने कहा, दिल्ली के इतिहास का ये सबसे बड़ा घोटाला है और कांग्रेस के घोटालों से भी ज्यादा बड़ा है। उन्होंने कहा कि ये आम आदमी पार्टी नहीं कह रही है, बल्कि आप बाहर जाकर दस लोगों से पूछ लो तो वो भी कहेंगे कि नगर निगम में घोटाला है। अगर ये 2500 करोड़ बचाते तो डॉक्टरों और सफाई कर्मचारियों का वेतन पूरा दे पाते।
वह आगे बोले, लोग कह रहे हैं कि भाजपा का ये 2500 करोड़ का घोटाला कांग्रेस के कॉमनवेल्थ घोटाले से भी बड़ा है। 2500 करोड़ का ये घोटाला तो इस साल का है एक नगर निगम का है। अगर दस सालों का तीनों निगमों का हिसाब निकालेंगे तो वो हजारों करोड़ का घोटाला होगा।
निगम में लिंटर डालने में भी बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार होता है। केजरीवाल ने दावा किया कोई भी मकान बनाए तो सिर्फ आरएसएस के लिए 10 प्रतिशत का डिस्काउंट है वरना सभी को मकान का लिंटर डालते वक्त पैसे देने पड़ते हैं।
केजरीवाल ने कहा कि निगम में भ्रष्टाचार है ये भाजपा भी मानती है। पिछले चुनाव के दौरान उन्होंने ये माना था कि सभी पार्षद भ्रष्ट हैं, इसलिए पार्टी नए उम्मीदवारों को मैदान में उतार रही है। सीएम ने कहा कि उदाहरण पेश करने के लिए दो-चार भ्रष्टाचारियों को जेल तो भेजना चाहिए था।
कुछ सालों में पार्षद की बड़ी-बड़ी गाड़ियां आ जाती हैं। ये 2500 करोड़ किसका था, अगर ये घोटाला नहीं होता तो सफाई कर्मचारियों उनका वेतन मिल जाता। अगर ये घोटाला नहीं होता तो कोविड के मुश्किल दौर में जिन डॉक्टरों ने लोगों की जान बचाई उनका तीन-चार महीने से रोका गया वेतन दे दिया गया होता।
इससे पहले आप विधायकों ने जो बैनर पकड़े हुए थे उस पर लिखा था कि भाजपा ने किया 2500 करोड़ का घोटाला, भाजपा वालों को जेल भेजो।