अदालत ने आरोपी को गवाहों से संपर्क न करने व साक्ष्यों से छेड़छाड़ न करने का भी निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि आरोपी से पूछताछ पूरी हो चुकी है और सभी दस्तावेज जांच एजेंसी के कब्जे में हैं। अदालत ने 26 सितंबर को खान को न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।
अदालत ने दिल्ली वक्फ बोर्ड में भर्ती में कथित अनियमितता के मामले में बुधवार को आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक अमानतुल्ला खान को जमानत दे दी।
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सीबीआई की विशेष न्यायाधीश विकास ढुल ने खान की जमानत एक लाख रुपये के मुचलके व एक अन्केय जमानत राशि पर जमानत प्रदान की है।
अदालत ने आरोपी को गवाहों से संपर्क न करने व साक्ष्यों से छेड़छाड़ न करने का भी निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि आरोपी से पूछताछ पूरी हो चुकी है और सभी दस्तावेज जांच एजेंसी के कब्जे में हैं। अदालत ने 26 सितंबर को खान को न्यायिक हिरासत में भेज दिया था जिसके बाद उनके वकीलों ने उनकी जमानत अर्जी का जिक्र किया और सुनवाई का अनुरोध किया।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) खान की अध्यक्षता वाले दिल्ली वक्फ बोर्ड में भर्ती में कथित अनियमितताओं की जांच कर रहा है। अपनी जांच के तहत, एसीबी ने विधायक के घर और अन्य परिसरों की तलाशी ली थी और कथित तौर पर दो बिना लाइसेंस वाले हथियारों के अलावा 24 लाख रुपये जब्त किए थे। खान को 16 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था।
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एसीबी की ओर से पेश लोक अभियोजक अतुल कुमार श्रीवास्तव और मनीष रावत ने अदालत को बताया कि बोर्ड के 22 सदस्यों को उनके निर्वाचन क्षेत्र से नियुक्त किया गया था। इसके अलावा लगभग चार लाख की आय होने के बावजूद खान से पास से 4 करोड़ की नकदी बरामद हुई है, जिसकी गहन जांच की आवश्यकता है।
अमानतुल्ला खान की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल मेहरा ने तर्क दिया कि खान से नकदी को जोड़ने के लिए कोई सामग्री नहीं थी। उन्होंने कहा कि खान को फर्जी मामले में फंसाया गया है और यह एक राजनीतिक मामला है।