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जीत के लिए 'आप' ने भी चली पुरानी चाल

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आम आदमी पार्टी (आप) ने दिल्ली देहात के मतदाताओं को साधने की तैयारी कर ली है। शुरुआती तैयारी उम्मीदवारों की पृष्ठिभूमि को लेकर है। इसके लिए उम्मीदवार का जातीय आधार भी देखा जा रहा है।
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पार्टी जाट समुदाय के लोगों को टिकट देने के साथ ही ब्राह्मण व यादव समुदाय के लोगों पर भी दांव लगा रही है। पार्टी का मानना है कि ब्राह्मण व यादव समुदाय के नेता पूर्वांचल से ताल्लुक रखने वाले मतदाताओं पर असर डालेंगे।

दरअसल, दिल्ली देहात की करीब तेरह सीटें हैं। इसमें से करीब आठ सीटें जाट बहुल हैं। जबकि तीन सीटों पर गुर्जर समुदाय का दबदबा है। वहीं, एक सीट आरक्षित है।
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देहात की सीट पर नजर

पिछले चुनाव में आप को देहात से सिर्फ एक सीट मिली थी। विकासपुरी से महेंद्र यादव विजयी हुए थे। पार्टी ने एक बार फिर महेंद्र को टिकट दिया है। इन्हें यादव समुदाय के चेहरे के तौर पर प्रोजेक्ट किया जाएगा।

वहीं, पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज, भावना गौड़ व एनडी शर्मा ब्राह्मण समुदाय के बीच पार्टी का जनाधार बढ़ाएंगे। भारद्वाज को ग्रेटर कैलाश, गौड़ को पालम व शर्मा को बदरपुर से टिकट दिया गया है।

इसके अलावा राजपूत चेहरे के तौर पर शरद चौहान को नरेला से टिकट दिया है। बाकी सीटों पर जाट व गुर्जर समुदाय केे उम्मीदवार होंगे।
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जाट व गुर्जर मतदाताओं पर भी नजर

पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि जाट व गुर्जर समुदाय से इतर जातियों के उम्मीदवार उतारने का दोहरा फायदा है। एक तरफ जहां इनका स्थानीय मतदाताओं को पर असर होता है।

वहीं, पूर्वांचल से ताल्लुक रखने वाले मतदाताओं को लामबंद करने की मदद मिलेगी। पार्टी की कोशिश है कि इस बार दिल्ली देहात की आधी से ज्यादा सीटें पाले में आ जाएं। पार्टी की ग्रामीण सेल इस दिशा में गंभीरता से काम कर रही है।

दिल्ली देहात की सीटें:
नरेला, मुंडका, नांगलोई, नजफगढ़, मटियाला, विकासुपरी, पालम, बिजवासन, छतरपुर, महरौली, तुगलकाबाद, बदरपुर, बवाना
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