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शाजिया इल्मी का भाई बीजेपी में शामिल

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एक तरफ जहां आम आदमी पार्टी ने शाजिया इल्मी भारतीय जनता पार्टी से लोहा लेने में लगी है वहीं उनके भाई खुद बीजेपी में शामिल हो गए हैं। शाजिया के भाई एजाज इल्मी ने शनिवार को बीजेपी का दामन थाम लिया।
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हाल ही में टिकट बंटवारे को लेकर गाजियाबाद की आप उम्मीदवार शाजिया इल्मी का पार्टी से मतभेद भी हुआ था। तब उन्होंने ट्विट कर इसकी जानकारी दी थी। दरअसल शाजिया दिल्ली की किसी सीट पर चुनाव लड़ना चाहती थीं। लेकिन आप उन्हें सोनिया गांधी के खिलाफ रायबरेली से मैदान में उतारना चाहती थी।

इसका शाजिया ने कड़ा विरोध किया था। बल्कि ट्विट करके साफ किया था कि वह दो महीने से रायबरेली से चुनाव लड़ने से इनकार कर रही हैं। इसके बाद पार्टी ने उन्हें गाजियाबाद से उम्मीदवार बनाया था। लेकिन शानिवार को उनके भाई के बीजेपी शामिल होने ने राजनीतिक गलियारों में नई तरह की चर्चा जोर पकड़ने लगी है।
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गाजियाबाद में बहन के खिलाफ प्रचार भी करेंगे!

इसमें कोई दो राय नहीं है कि बीजेपी दूसरे दलों से आए लोगों को जबर्दस्त तवज्जो दे रही है। ऐसे में आप से मतभेद होने और फिर मानने वाली शाजिया इल्मी के भाई के बीजेपी में शामिल होने को शाजिया लिए भी बीजेपी का ग्रीन सिग्नल माना जा रहा है।

लेकिन चूंकि उन्होंने शुक्रवार को आप के टिकट पर गाजियाबाद से नामांकन भर दिया है, इसलिए ऐसा होने की संभावना अब न के बराबर रह गई है। वहीं एक सनसनीखेज बयान में रविवार को ही बीजेपी शामिल होने वाले शाजिया इल्मी के भाई एजाज इल्मी ने बहन के खिलाफ गाजियाबाद में कैंपेन करने से मना नहीं किया है।

बीजेपी में शामिल होने के मौके पर ऐजाज ने कहा कि मैं कई महीनों से सोच रहा था। आखिरकार आज मैंने बीजेपी ज्वाइन कर लिया। ये पूछे जाने पर कि क्या गाजियाबाद में बीजेपी उम्मीदवार से आप उम्मीदवार शाजिया इल्मी के खिलाफ कैंपेन करेंगे, तो ऐजाज ने कहा कि मुझे बीजेपी जहां से कैम्पेन करने के लिए कहेगी मैं करूंगा। मैं बीजेपी का कार्यकर्ता हूं।

भाई से नहीं पटती है शाजिया की

शाजिया इल्मी के बीजेपी में शामिल होने को उनके आपसी कलह से भी जोड़ कर देखा जा रहा है। दरअसल शाजिया की उनके भाई एजाज से नहीं पटती है। भाई-बहनों के बीच अक्सर अनबन की खबरें आती रही हैं।

ऐसे में एजाज का यह बयान कि अगर पार्टी कहेगी तो कहीं भी कैंपेन करूंगा इस पर मुहर लगा देता है। साथ ही यह कहना कि आखिरकार आज बीजेपी में शामिल हो गया से भी यह कयास लगाए जा रहे हैं कि एजाज लंबे समय से ‌बीजेपी में शामिल होना चाह रहे थे, लेकिन किसी दबाव के कारण नहीं हो पा रहे थे।

हालांकि इस नये पॉलिटिकल ड्रामा ने आप की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। क्योंकि पार्टी के एक प्रमुख नेता के भाई के अन्य पार्टी में शामिल होने से उन कार्यकर्ताओं को और बल मिल गया है कि जो टिकट बंटवारे पर पार्टी की नीतियों का विरोध कर रहे हैं।
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आप के 3 और नेता बीजेपी में लौटे

दिल्ली विधानसभा चुनाव के समय भाजपा छोड़कर ‘आप’ में शामिल हुए तीन नेताओं ने फिर से वापसी की है।

‘आप’ के सिंबल पर कालकाजी विधानसभा से चुनाव लड़ने वाले धर्मवीर सिंह ने शनिवार को भाजपा नेता प्रो. विजय कुमार मल्होत्रा की उपस्थिति में वापसी की।

साथ ही, पूर्व पार्षद महेंद्र कौर नरूला और डॉ. राजेंद्र सोनकर भी भाजपा में लौटे। तीनों नेताओं ने कहा कि आप पार्टी अपने उद्देश्य से भटक गई है।
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