गजेंद्र के परिवार से मिलने उनके गांव पहुचे संजय सिंह ने मीडिया को बताया कि उनका परिवार चाहता है कि गजेंद्र ने चूंकि किसानों की समस्या पर अपना बलिदान दिया है इसलिए उन्हें 'किसान शहीद' का दर्जा दिया जाए। साथ ही उनकी बेटी जब बालिग हो जाए तो उसे सरकारी नौकरी दी जाए।
संजय सिंह ने कहा कि जंतर मंतर पर गजेंद्र की आत्महत्या के समय जो कुछ हुआ इसके बारे में हमने गजेंद्र के परिवार से बात की। संजय सिंह ने कहा कि हमने उनके परिवार को बताया कि इस घटना को रोकने की पूरी कोशिश की गई थी।
हालांकि यह बेहद दुखद घटना है। इस घटना से जहां गजेंद्र का पूरा परिवार सदमे है, वहीं हम लोग भी इससे दुखी हैं। संजय सिंह ने कहा कि दिल्ली जाते ही केजरीवाल से परिवार की मांग के बारे में बात करेंगे।
आप नेता के पहुंचने से पहले बढ़ी सुरक्षा
इससे पहले आम आदमी पार्टी के नेता आशुतोष के लाइव टीवी शो में रोने की घटना के बाद शुक्रवार को संजय सिंह मृत किसान गजेंद्र सिंह के परिवार को सांत्वना देने उसके गांव नांगल झामरवाड़ा पहुंचे।
संजय सिंह ने कल ही अपने ट्वीटर अकांउट पर यह जानकारी देते हुए कहा था कि इस दुख के समय में हम सब गजेंद्र सिंह के परिवार के साथ हैं। शुक्रवार को मैं उनके परिवार को सांत्वना देने उनके घर जा रहा हूं।
इस बीच बांदीकुई थाने के सीओ ने बताया है कि उन्हें भी आम आदमी पार्टी के नेताओं के गजेंद्र के गांव पहुंचने की जानकारी मिली है। इसे देखते हुए गांव में सुरक्षा के जरूरी इंतजाम कर दिए गए हैं।
आप से नाराज है गजेंद्र का परिवार
बता दें कि इससे पहले गजेंद्र की आत्महत्या से दुखी घरवालों ने उनकी मौत के लिए आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को दोषी तक कह दिया था।
इतना ही नहीं गजेंद्र के परिवार ने आम आदमी पार्टी द्वारा दिए जा रहे 10 लाख रुपये का मुआवजे लेने से भी इनकार कर दिया था। परिवारवालों का कहना था कि पार्टी हमसे एक करोड़ ले ले लेकिन हमारे बेटे को वापस कर दे।
इस बीच आज सुबह जब केजरीवाल ने एक इंटरव्यू में यह माना कि गजेंद्र को आत्महत्या से न रोक पाने के लिए वह भी जिम्मेदार हैं तो गजेंद्र की मां ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि ऐसी दिल्ली को तो पेट्रोल डालकर आग लगा देनी चाहिए।
गजेंद्र की बेटी से हाथ जोड़कर मिले संजय
दौसा पहुंचने पर आप नेता संजय सिंह कुछ देर तो गजेंद्र के घर के बाहर बिछी चादर पर ही बैठे रहे। इस दौरान उनके सामने गजेंद्र की बेटी मेघा बैठी हुई थी।
संजय सिंह हाथ जोड़कर उससे बात करते हुए दिखे। कुछ देर बाहर बैठने के बाद साथ संजय सिंह गजेंद्र के परिवार वालों के साथ घर के अंदर चले गए।
घर के अंदर गजेंद्र की बेटी, उनके पिता, भाई और कुछ अन्य रिश्तेदार भी मौजूद थे जिनके साथ संजय सिंह ने लगभग पंद्रह मिनट तक बात की।