बीबीएम, जीटीके, नरेला, रोहिणी डिपो-1, 3, 4, सुभाष प्लेस डिपो, नागलोई, वसंत विहार, सरोजनी नगर, अंबेडकर नगर, तेहखंड, कालकाजी, सुखदेव विहार, श्रीनिवासपुरी, हंसपुर, गाजीपुर, शादीपुर, नारायणा, हरी नगर-2, केशवपुर, द्वारका सेक्टर 2 व 8, पीरागढ़ी, बवाना, इंद्रप्रस्थ, घुम्मनहेड़ा, दिचाऊकला, राजघाट-2, ईस्ट विनोद नगर, कंझावला, राजघाट-1, रोहिणी-2, हरी नगर, नंद नगरी, वजीरपुर, मायापुरी, महरौली, मंगोलपुरी, नजफगढ़, हौज खास और नेहरू प्लेस टर्मिनल।
प्रदूषण जांच कराने वालों का आंकड़ा बढ़ा
1 सितंबर के पहले प्रतिदिन दिल्ली में 15 हजार के करीब लोग प्रदूषण जांच केंद्र पर पहुंचते थे। अब यह आंकड़ा बढ़कर 40 हजार तक पहुंच गया है। औसतन 2200 वाहन एक केंद्र पर जांच कराने पहुंच रहे है।
छह हजार वाहन प्रति घंटा जांच करा सकेंगे
परिवहन मंत्री के कहा कि सर्वार अपडेट होने के बाद अब प्रति घंटा 6 हजार वाहनों की प्रदूषण जांच संभव हो सकेगी। पहले एक घंटा में 3200 वाहनों की ही जांच हो पाती थी। पिछले दस दिनों में 941 केंद्रों पर सुबह 7 बजे से 10 बजे तक वाहनों को सर्टिफिकेट जारी किए जा रहे है। परिवहन विभाग प्रदूषण केंद्रों पर सिविल डिफेंस के कर्मियों को भी तैनात करेगा।
ज्यादा प्रदूषण केंद्र खोलने के लिए आवेदन मांगे
वाहनों की संख्या को देखते हुए ज्यादा प्रदूषण केंद्र खोलने के लिए सरकार ने आवेदन मांगे हैं। 73 लाख वाहन फिलहाल सड़कों पर दौड़ रहे है। पंद्रह साल से अधिक वाले वाहनों को इसमें जोड़ दिया जाए तो कुल 1 करोड़ 10 लाख वाहन दिल्ली में रजिस्टर है। परिवहन मंत्री ने बताया कि कुछ जांच केंद्रों पर अनियमितता भी पाई गई। इनमें से दो केंद्रों को सस्पेंड कर दिया गया है।
कहां से सबसे अधिक भीड़
गणपति फिलिंग स्टेशन मंगोलपुर में सबसे अधिक 2731 वाहनों की जांच की जा रही है। इसी तरह सक्षम मोटर स्टेशन हरीनगर में 2518, सरिता सर्विस सेंटर सरिता विहार 2361, जय साईं मोटर्र ओखला 2339 वाहन प्रदूषण जांच के लिए प्रतिदिन पहुंच रहे हैं।