चुनाव आयोग की तमाम सख्ती के बावजूद राजनीतिक दल आचार संहिता का उल्लंघन करने से बाज नहीं आ रहे हैं।
इसका ताजा उदाहरण आम आदमी पार्टी द्वारा मतदाताओं में बांटा गया पार्टी का मुखपत्र है। इस टैबलॉयड साइज पंपलेट का पंजीकरण तक नहीं है। जिला प्रशासन का कहना है कि इसकी जांच की जाएगी और कार्रवाई होगी।
जानकारी के अनुसार, आम आदमी पार्टी ने 'आप की क्रांति' नाम से आठ पेज के एक टैबलॉयड साइज के पंपलेट में पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल और योगेंद्र यादव का गुणगान छापा है। खास बात यह है कि इसमें प्रकाशन की तिथि तक नहीं लिखी गई है।
एसडीएम धर्मेंद्र सिंह का कहना है कि मामले की जांच की जाएगी और आचार संहिता का उल्लंघन होने पर कार्रवाई की जाएगी। उधर पार्टी के लोकसभा प्रभारी आभास चंदीला का कहना है कि उनके पास मुख पत्र आया ही नहीं है तो बंटेगा कैसे। यदि किसी को मिला भी होगा तो वह पुराना संस्करण होगा।