दिल्ली नगर निगम चुनाव में भाजपा के दूसरे राज्यों से आने वाले स्टार प्रचारकों को आम आदमी पार्टी (आप) के दिल्ली के नेता टक्कर देंगे। इसके लिये आप ने वार्ड के हिसाब से करीब 1000 सभा कराने की योजना तैयार की है। पार्टी का मानना है कि दिल्ली विधान सभा चुनाव की तर्ज पर तैयार की गयी रणनीति निगम चुनाव के लिये ज्यादा कारगर होगी।
आप ने निगम चुनाव प्रचार की रणनीति तैयार कर ली है। बड़ी सभा या रैलियां कराने की जगह पार्टी वार्ड में छोटी-छोटी सभाओं से अपने प्रचार अभियान को धार देगी। पार्टी की राज्य स्तरीय इकाई ने करीब एक हजार वार्ड वार सभायें करायेगी।
पार्टी रणनीतिकारों का मानना है कि छोटी सभाओं में नेता बड़ी संख्या में आम लोगों से मुलाकात कर उनका दुख-दर्द साझा कर लेते हैं। मतदाताओं पर इसका गहरा असर होता है।
एक बार फिर पुरानी गलती दुहरा रही है भाजपा
- फोटो : अमर उजाला
रणनीतिकारों का मानना है कि जनवरी 2015 में भाजपा के 300 सांसद व मंत्री दिल्ली में डेरा डाले हुये थे। लेकिन इनकी कई सभाओं में आम लोगों से ज्यादा नेता दिखायी पड़े थे। वही, चुनाव परिणाम ने भी साबित कर दिया कि दिल्ली के लिये इस तरह की रणनीति कारगर नहीं हो सकती।
बावजूद इसके भाजपा एक बार फिर पुरानी गलती दुहरा रही है। आप के दिल्ली प्रदेश प्रभारी आशीष तलवार बताते हैं कि हमारी प्रचार रणनीति दिल्ली केंद्रित है। दिल्लीवासी दिल्ली की समझ रखने वाले नेताओं को सुनना चाहते हैं। वहीं, पार्टी बेहद स्थानीय स्तर जाकर प्रचार अभियान को आगे बढ़ायेगी।
मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, दिलीप पांडेय, राखी बिड़लान, राजेंद्र गौतम समेत पार्टी के सभी नेताओं व विधायकों ने अपना प्रचार अभियान शुरू कर दिया है। वहीं, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल 31 मार्च को बुराड़ी से चुनावी मैदान में उतरेंगे। निगम चुनाव पूरा होने से पहले पार्टी 1000 से ज्यादा सभाओं को पुरा करवा चुकी है।