दिल्ली हाईकोर्ट ने राजधानी में हर ओर फैली गंदगी और सफाई व्यवस्था में असफल होने पर तीनों एमसीडी को कड़ी फटकार लगाई है।
अदालत ने कहा कि एक तरफ प्रधानमंत्री ‘स्वच्छ भारत अभियान’ चला रहे हैं, दूसरी ओर उसे फेल करने के लिए एमसीडी ने ‘गंदा भारत अभियान’ चला रखा है।
खंडपीठ ने तीनों नगर निगमों को यह स्पष्ट करने का निर्देश दिया कि सभी वार्ड में कितने सफाई कर्मचारी हैं और उनकी ड्यूटी कहां-कहां पर लगी है। अदालत ने एमसीडी को विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश देते हुए सुनवाई 12 नवंबर तय की है।
पीएम ने जिस पुलिस स्टेशन के पास झाड़ू लगाई वहां भी गंदगी
मोदी सरकार के स्वच्छ भारत अभियान का सपना राजधानी में हकीकत का रूप लेता जा रहा है। क्योंकि पहले जहां सड़कों पर खुले में कूड़े के ढेर नजर आते थे, वे अब धीरे-धीरे कम हो रहे हैं।
स्वच्छता अभियान की तस्वीर पूरी तरह तो नहीं बदली है, लेकिन काम शुरू हो चुका है। स्वच्छता अभियान शुरू होने के एक महीने के बाद अमर उजाला संवाददाता सीमा शर्मा व फोटोग्राफर जी पाल और अनिल कुमार ने विभिन्न इलाकों का जायजा लिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो अक्तूबर को गांधी जयंती के मौके पर गोल मार्केट स्थित वाल्मीकि कॉलोनी से शुरुआत की थी। यूं तो परिसर साफ दिखा, लेकिन एक कोने में खुले में सड़क पर कूड़ा पड़ा दिखा, जोकि एक सवाल खड़ा करता है?
क्योंकि सुबह ही सफाई होती है और कुछ घंटों बाद अमर उजाला टीम पहुंची तो कूड़ा झाडू़ लगाने के बाद कूड़ेदान में डालने की बजाय यूं ही खुले में छोड़ दिया गया था। वहीं, मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन में जहां औचक दौरे में मोदी को कूड़ा मिला था, वहां अब तीन से चार कूड़ेदान रख दिए हैं।
चारों तरफ बिखरा पड़ा है कूड़ा
गोल मार्केट के नजदीक बंगला साहिब रोड पर स्थित कलावती सरन बाल अस्पताल के मुख्य गेट के बाहर की तस्वीर स्वच्छता अभियान को ठेंगा दिखा रही थी। क्योंकि बंगला साहिब रोड पर सड़क किनारे तीन से चार बड़े कूड़ेदान रखे हुए थे, लेकिन कूड़ा सड़कों पर बिखरा पड़ा था।
इसी दौरान एनडीएमसी की कूड़ा उठाने वाली गाड़ी आई और उन्होंने एक-एक कर कूड़ेदान को पलट दिया, जिससे पूरा कूड़ा सड़क पर बिखर गया। मुख्य गेट के एक ओर ढाबा है, वहां भी गंदगी थी।
उधर नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भी यात्री कूड़े के ढेर के बीच ही चादर बिछाकर इंतजार के लिए मजबूर थे। स्टाफ क्वार्टर निवासी रमेश ने बताया कि यहां सफाई कर्मी नियमित कूड़ा उठाने नहीं आते हैं। जब कॉलोनीवासी फोन पर शिकायत करते हैं, तब जाकर कूड़ा उठता है।
पूर्वी दिल्ली आनंद विहार आईएसबीटी में स्वच्छता अभियान पूरी तरह फेल नजर आया। क्योंकि चारों ओर कूड़े के ही ढेर नजर आ रहे थे। इसी के बीच यात्री उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश जाने के लिए बस पकड़ने को मजबूर हैं।
कूड़े के ढेर के आसपास जानवर भी घूम रहे थे। यहां सफाई के नाम पर प्रबंधन ने कोई व्यवस्था नहीं कर रखी है। वहीं शाम 5 बजे एमसीडी मुख्यालय के बाहर सड़क किनारे खुले में कूड़ा बिखरा पड़ा था।