नई दिल्ली में हुए इंद्रलोक रेप कांड में आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार और दिल्ली प्रशासन पर महिला सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। ‘आप’ का दावा है कि चार माह पूर्व उनके एक कार्यकर्ता ने अवैध तौर पर चलाई जा रही कैब सेवा के बारे में दिल्ली प्रशासन को आगाह किया था।
बावजूद इसके विभाग ने इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया। इतना ही नहीं, दो साल पहले शुरू हुए निर्भया फंड का इस्तेमाल तक केंद्र सरकार ने नहीं किया। पार्टी ने महिला सुरक्षा पर बात करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मिलने का समय मांगा है।
‘आप’ नेता आतिशी मरलेना ने बताया कि दिल्ली को शर्मसार करने वाली इस वारदात पर केंद्र सरकार व दिल्ली प्रशासन के बीच एक राय नहीं है। दिल्ली प्रशासन ने जहां उबर कैब पर प्रतिबंध लगा दिया है। वहीं, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी बैन लगाने के फैसले से सहमत नहीं हैं।
आतिशी ने बताया कि अगस्त 2014 में पार्टी कार्यकर्ता अमित भार्गव ने दिल्ली परिवहन विभाग के आयुक्त को एक चिट्ठी लिखी थी। इसमें आगाह किया गया था कि उबर आदि कई कैब कंपनियों ने अपना पंजीकरण आईटी कंपनी के तौर पर कराया है।
इसकी आड़ में वह कैब चला रही हैं। लेकिन परिवहन आयुक्त ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया। इस बारे में पार्टी ने मंगलवार को दिल्ली के उपराज्यपाल के पास विस्तृत पत्र भेजा है।
आतिशी का कहना है कि दूसरा चौंकाने वाला तथ्य यह है कि दो साल पहले निर्भया फंड बनाया गया था। इसमें एक हजार करोड़ रुपये की राशि आवंटित है। लेकिन अभी तक इस फंड का इस्तेमाल ही नहीं किया गया। आतिशी का दावा है कि इसका खुलासा ‘आप’ कार्यकर्ता वंश सलूजा की आरटीआई के जवाब में हुआ है।