दिल्ली में चुनाव की संभावना को देखते हुए आम आदमी पार्टी ने शनिवार को आरडब्ल्यूए विंग के गठन की घोषणा की। माता सुंदरी कॉलेजी के ऑडिटोरियम में दिल्ली के अलग-अलग हिस्से से आए आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों की मौजूदगी में अरविंद केजरीवाल ने इसका ऐलान किया। विंग के कामकाज का जिम्मा पांडव नगर आरडब्ल्यूए के सदस्य और पार्टी कार्यकर्ता रत्नेश गुप्ता को दिया गया है।
इस मौके पर केजरीवाल ने क हा कि पार्टी शुरू से ही जनता को अधिकार देने की पक्षधर रही है। दिल्ली का आरडब्ल्यूए एक मूवमेंट है, जो कि दिल्ली को संवारने और चलाने में अहम भूमिका निभाती आया है। उन्होंने कहा कि जब आरडब्ल्यूए के पदाधिकारी उनके पास छोटे-छोटे काम के लिए आते हैं बुरा लगता है।
जिन्होंने पार्टी को जिताया वही नाली, लाइट और सड़क के लिए विधायक और सांसद के सामने गिड़गिड़ाते हैं, मगर अब ऐसा नहीं होगा। आप की सरकार बनी तो आरडब्ल्यूए का नया एक्ट होगा, जिन्हें विधायक की तरह की चार करोड़ रुपये का फंड मिलेगा। आरडब्ल्यूए के लोग खुद सड़क, स्ट्रीट लाइट पार्क और झूला लगवा सकेंगे।
आप नेता मनीष सिसोदिया ने कहा कि आरडब्ल्यूए दिल्ली में एक बड़ी ताकत है। हम उसे राजनीति के तहत नहीं जोड़ रहे हैं। वह पहले की ही तरह स्वतंत्र रूप से काम कर सके, यही पार्टी की कोशिश है। इसलिए हम सिटीजन लोकल एरिया फंड की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुझे अपने विधानसभा में सीसीटीवी कैमरे लगाने थे। जो कैमरा बाजार में तीन से चार हजार रुपये में मिल जाता है, सरकारी एजेंसी उसी का दाम 14,000 बताती है।
जब केजरीवाल ने कहा पैसा लाकर मुझे दो
सिटीजन फंड से यह समस्या भी दूर हो जाएगी। इस कार्यक्रम में पार्टी के अन्य नेेता संजय सिंह, आशुतोष, गोपाल राय, सोमनाथ भारती और आरडब्ल्यूए से राजीव ककरिया और गुरुदीप समेत अन्य लोग भी मौजूद रहे।
जब केजरीवाल ने कहा पैसा लाकर मुझे दो
केजरीवाल आरडब्ल्यूए के पदाधिकारियों को आरडब्ल्यूए एक्ट के बारे में जानकारी दे रहे थे, उसी दौरान उनकी जुबान फिसल गई। उन्होंने कहा कि अगर कोई अधिकारी आपसे पैसा मांग रहा है तो आप मोबाइल में रिकॉर्ड कर लीजिए। पैसे लाकर मुझे दे दीजिएगा। यह कहकर केजरीवाल खुद ठहाका लगाकर हंसने लगे। दरअसल, उन्हें रिकॉर्डिंग लाकर देने को कहना था।
‘कालेधन पर गुमराह कर रहे वित्त मंत्री’
आम आदमी पार्टी का आरोप है कि काले धन के मुद्दे को लेकर केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली देश को गुमराह कर रहे हैं। पार्टी के मुताबिक, अगर उन्हें मालूम था कि बेनामी लोगों का नाम सार्वजनिक नहीं कर सकते तो वह पहले काला धन वापस लाने का दावा कैसे कर रहे थे। पार्टी का आरोप है कि केंद्र सरकार लोगों से झूठे वादे कर रही है।