आम आदमी पार्टी ने सरकार बनाने के लिए ऑनलाइन सर्वे शुरू किया है। लेकिन पार्टी को फेक (फर्जी) प्रतिक्रियाएं आने की आशंका है।
इसी लिए पार्टी ने फेक प्रतिक्रियाएं रोकने के कई इंतजाम कर रखे हैं। फिर भी वह इस बारे में आश्वस्त नहीं है कि कोशिश पूरी तरह कारगर होगी।
पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि विपक्षी पार्टियां इस मुहिम की हवा निकाल सकती हैं। विपक्षी दलों के समर्थक परिणाम को प्रभावित करने के लिए बल्क में प्रतिक्रियाएं भेज सकते हैं।
इस पर रोक लगाने के लिए कई तरह के गेट वे लगाए गए हैं। इससे एक ही तरह की आईडी, आईपी एड्रेस या मोबाइल नंबर से लोग एक बार ही अपनी प्रतिक्रिया दे सकते हैं।
वरिष्ठ नेता मान रहे हैं कि तमाम सावधानी बरतने के बाद भी गलत मंशा से कुछ लोग सर्वे पर असर डालने की कोशिश करेंगे। अलग-अलग नंबरों और आईपी एड्रेस से विपक्षी पार्टियों के सदस्य पहुंच बनाने की कोशिश कर सकते हैं।
हालांकि तत्काल शुरू किए गए अभियान से इस तरह के प्रतिक्रियाओं की संख्या पांच फीसदी भी नहीं पहुंच सकेगी। वहीं ऑन लाइन सर्वे के साथ-साथ पार्टी लोगों से दरवाजे-दरवाजे संपर्क कर राय मांग रही है।