ओपिनियन पोल में घपलेबाजी का आरोप लगा चुकी आम आदमी पार्टी अब चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों पर पाबंदी लगाने के पक्ष में नहीं है।
पार्टी ने सर्वेक्षण जारी करने के लिए उचित दिशा-निर्देश तैयार करने की मांग की है। इस संबंध में आप ने सोमवार को केंद्रीय चुनाव आयोग को एक चिट्ठी भेजी है।
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पार्टी का कहना है कि पिछले दिनों ओपिनियन पोल में घपलेबाजी का खुलासा हुआ था। इस मद में राजनीतिक पार्टियां करोड़ों रुपये खर्च कर डालती हैं। भारतीय लोकतंत्र के लिए यह बेहद खतरनाक है।
पार्टी के मुताबिक, चुनावों को निष्पक्ष रखने के लिए आयोग ने पहले भी जरूरी कदम उठाए हैं। उनसे चुनावों में धनबल और बाहुबल में कमी आई है। यह भी ध्यान रखने की जरूरत है कि पोल पर पूरी तरह पाबंदी भी सही नहीं है।
पार्टी की मांग है कि आयोग को ओपिनियन पोल करने वाले संगठनों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करने चाहिए। वहीं, इसके प्रसारण और प्रकाशन करने वाले मीडिया हाउस के लिए भी नियमावली बनानी चाहिए ताकि गड़बड़ी के लिए जिम्मेदारी तय की जा सके।