आम आदमी पार्टी ने अब विरोध प्रदर्शन से तौबा कर ली है। पार्टी ने आम चुनावों के मद्देनजर रणनीति में बदलाव करते हुए कार्यकर्ताओं को पूरी चुनाव प्रक्रिया के दौरान विरोध प्रदर्शन से बचने का निर्देश दिया है।
चुनाव आयोग को मिली खुफिया रिपोर्ट में पार्टी के इस कदम की जिक्र किया गया है। पार्टी का यह फैसला भाजपा मुख्यालय पर हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद लिया गया।
‘आप’ के रणनीतिकारों का मानना है कि भाजपा मुख्यालय के बाहर हुए प्रदर्शन से पार्टी की साख को बट्टा लगा है। उसकी साफ व अहिंसक छवि को इससे नुकसान पहुंचा है।