झूठे केस में फंसा रही है भाजपा : आप
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी ने रविवार को मैं भी केजरीवाल अभियान के तहत कालकाजी, ग्रेटर कैलाश, नजफगढ़, तिमारपुर आदि इलाकों में जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान आप नेताओं के समक्ष जनसभाओं में जनता ने कहा कि वह मुख्यमंत्री केजरीवाल के साथ खड़े है, चाहे भाजपा कितना भी षड्यंत्र कर ले, लेकिन केजरीवाल के लिए उनका प्यार कम नहीं होगा। आप नेता आतिशी, सौरभ भारद्वाज, कैलाश गहलोत और दिलीप पांडेय ने केजरीवाल की गिरफ्तारी होने पर उनको इस्तीफा देने के बारे में पूछने पर लोगों ने कहा कि षड्यंत्र के तहत गिरफ्तार करने की साजिश हो रही है, लेकिन कुछ भी हो उन्हें इस्तीफा नहीं देना चाहिए।
उन्होंने केजरीवाल को अपना मुख्यमंत्री चुना है, वह इस्तीफा न दे और वह जेल से सरकार चलाए। वहीं आप नेताओं ने कहा कि आज एक के बाद एक उनके नेताओं को जेल में भेजा जा रहा है। कई महीने से केजरीवाल को गिरफ्तार करने की साजिश रची जा रही है, उन पर झूठे आरोप लगाए जा रहे है। भाजपा जिस तथाकथित घोटाले पर शोर मचा रही है उसमें तमाम जांच-रेड के बावजूद एक पैसा नहीं मिला। केजरीवाल ने पिछले आठ सालों से ईमानदारी से काम किया है। इसी का नतीजा है कि दिल्ली में लोगों के लिए इतने काम हो पाए। आज आम आदमी पार्टी के नेताओं को जेल में डालने का असली कारण उनका काम है।
सीएम खुद को निर्दोष साबित करें : सचदेवा
भ्रष्टाचार के मुद्दे पर प्रदेश भाजपा ने एक बार फिर मुख्यमंत्री केजरीवाल को घेरा है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा, अगर वे शराब घोटाले में संलिप्त नहीं है तो जांच से क्यों घबरा रहे है। अपने को निर्दोष साबित करें फिर राजनीतिक पर्यटन करें। जांच से भागकर वह खुद पर भ्रष्टाचार का संदेह बढ़ा रहे हैं। उन्हें गुजरात जाने की जगह प्रवर्तन निदेशालय के समक्ष पेश होकर अपने को बेगुनाह साबित करना चाहिए। सचदेवा ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय समन को लेकर केजरीवाल और आम आदमी पार्टी दिल्लीवालों को गुमराह कर रही है। जांच और कानून से भागता देख दिल्ली ही नहीं देशभर की जनता अचंभित है। राजनीतिक वजूद को बचाने के लिए वे ‘मैं भी केजरीवाल’ अभियान चलवा रहे हैं।आप का जनसंवाद पूरी तरह फ्लॉप शो है।
सचदेवा ने यह भी कहा है कि दिल्ली सरकार के मंत्री सौरभ भारद्वाज और आतिशी कोई प्रशासनिक कार्य नहीं कर रहे हैं। सरकार के भ्रष्टाचार और घोटालों का बचाव करने वाले प्रवक्ता बन गए हैं। दिल्ली सरकार उम्मीद करती है कि अधिकारी उनके गैरकानूनी आदेशों को स्वीकार करेंगे और भ्रष्टाचार को अनुमति देंगे जैसा कि वह 2015 से 2021 के बीच करवाने में कामयाब रहे।