लोकसभा चुनाव के टिकट दावेदारों की लंबी फेहरिस्त आम आदमी पार्टी के लिए परेशानी का सबब बन गई है।
टिकट बंटवारे को लेकर पार्टी की स्थानीय इकाई में बिखराव के आसार बनते दिख रहे हैं जिससे निपटने के लिए पार्टी बाहरी प्रत्याशी को चुनाव मैदान में उतार सकती है।
दिल्ली विधानसभा चुनाव में मिली कामयाबी के बाद एनसीआर की हर सीट पर ‘आप’ अपनी मजबूत दावेदारी मान रही है, लेकिन टिकट के दावेदारों की लंबी लाइन में से एक प्रत्याशी का चयन पार्टी के लिए किसी अग्नि परीक्षा से कम नहीं है।
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गौतम बुद्ध नगर लोकसभा सीट पर चुनाव लड़ने के लिए 100 से ज्यादा उम्मीदवारों ने इंटरव्यू दिए हैं। इनमें से कई चेहरे जाने पहचाने हैं तो कई अंजान दावेदार भी शामिल हैं।
टिकट बंटवारे को लेकर पार्टी की स्थानीय इकाई में बगावत उस समय ही शुरू हो गई थी जब झाडू चलाओ संदेश यात्रा के दौरान एक संभावित प्रत्याशी का नाम सुर्खियों में आया था। इसके बाद पार्टी के नेता टिकट बंटवारे को लेकर फूंक-फूंककर कदम रख रहे हैं।
यही वजह है कि प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया में लगातार देरी होती जा रही है। टिकट बंटवारे का गलत निर्णय चुनावी गणित न बिगाड़ दे इसे ध्यान में रखकर पूर्वी दिल्ली की तरह बाहरी प्रत्याशी को चुनाव मैदान में उतारने की अटकलें लगाई जा रही हैं।
पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट पर टिकट दावेदारों की संख्या 300 से भी ज्यादा थी। ऐसे में पार्टी के लिए एक दावेदार चुनना मुश्किल काम था और बाद में महात्मा गांधी के पौत्र राजमोहन गांधी को चुनाव मैदान में उतारने का फैसला लिया गया।
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ठीक यही फॉर्मूला गौतम बुद्ध नगर लोकसभा सीट पर भी अपनाया जा सकता है। फिलहाल, प्रशांत भूषण के नाम की चर्चा गरम है। हालांकि भूषण नोएडा के ही निवासी हैं, लेकिन उन्होंने टिकट के लिए आवेदन नहीं किया था।
तीन और नाम सुर्खियों में
पांच मजबूत उम्मीदवारों के नाम का सुझाव पार्टी नेताओं ने स्थानीय इकाई से मांगा था। पार्टी सूत्रों के मुताबिक कानपुर रैली के दौरान स्थानीय इकाई की तरफ से पार्टी नेताओं को फीडबैक दिया गया है। जिसमें तीन नाम सुझाए गए हैं। एक नाम किसान नेता मनवीर भाटी का है, जबकि दूसरा नाम सामाजिक कार्यकर्ता अनूप खन्ना और तीसरा नाम अन्ना आंदोलन और पार्टी की शुरुआत से जुड़ी कार्यकर्ता सविता शर्मा का बताया जा रहा है, लेकिन बाहरी प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतरा तो टिकट के सभी दावेदारों की उम्मीदों पर पानी फिर जाएगा।