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ये है आप के विधायकों की फौज जिसने नियमों को किया जमींदोज

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साफ सुथरी राजनीति और जवाबदेही की सरकार का नारा दे कर प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में आई आम आदमी पार्टी की सरकार की अभी जुम्मा-जुम्मा दो महीने ही हुए हैं।
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लेकिन इन तीन महीनों ने सरकार ने क्या काम किए इससे ज्यादा चर्चा इनके मंत्रियों के खिलाए गुल की होती रही। आम आदमी पार्टी के इन नेताओं पर हमला करने, दंगा करवाने, आत्महत्या के लिए उकसाने और वोट खरीदने जैसे गंभीर आरोप हैं।

चौंकाने वाली बात ये है कि आंतरिक लोकपाल जैसी संस्था होते हुए भी पार्टी ने न तो अभी तक किसी विधायक या मंत्री के खिलाफ कोई जांच कराई और न ही किसी आरोपी विधायक या मंत्री को इस्तीफा देने या सरकार से दूर रहने का आदेश दिया।
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फिलहाल हम आपको बताने जा रहे हैं आम आदमी पार्टी के उन छह विधायकों के बारे में जिन पर तीन महीने से भी कम की इस सरकार में दाग लग चुके हैं...

चुनाव के दौरान शराब बंटवाने का लगा आरोप

दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले 31 जनवरी को क्राइम ब्रांच ने एक अनुमान के मुताबिक 500 कार्टन, 8 हजार अवैध शराब की बोतलों के साथ उत्तम नगर के एक गोदाम से बरामद किया।

सूत्रों की मानें तो ये गोदाम नरेश बालियान के किसी रिश्तेदार का बताया गया था। जांच के बाद सामने आया था कि ये शराब लोगों में बंटवाने के लिए मंगवाई गई थी।

पुलिस ने इस मामले में बालियान को पूछताछ के लिए उस दौरान नोटिस भी भेजा था। लेकिन बालियान ने इस प्रकरण में वोटिंग होने तक की मोहलत मांगी थी।

दंगा करने और क्षति पहुंचाने का आरोप

इसी तरह दिल्ली पुलिस राम निवास गोयल के खिलाफ पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार में दंगे और अतिक्रमण के मामले में जांच कर रही है।

आप विधायक राम निवास गोयल के खिलाफ कोर्ट ने गिरफ्तारी का वारंट भी जारी किया था। राम निवास गोयल पर 2008 में दंगे भड़काने का आरोप है। फिलहाल वे दिल्ली विधानसभा के स्पीकर हैं और पुलिस उन पर लगे आरोपो की जांच कर रही है।

गौरतलब है कि गोयल के खिलाफ एक बिल्डर ने FIR दर्ज कराई थी। जिसमें गोयल और उनके समर्थकों के खिलाफ मारपीट और मकान पर धावा बोलने की शिकायत की गई थी।

भीड़ को भड़काने में शामिल विधायक

वहीं संजीव झा और अखिलेश त्रिपाठी के खिलाफ बुराडी पुलिस थाने में केस दर्ज है। इन पर लोगों की भीड़ को उकसाने के आलावा पुलिस के साथ हिंसक झड़प का आरोप है।

इस झड़प में एक दर्जन से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए थे। ये झड़प उस वक्त हुई थी, जब संजीव झा के वाहन को थाने में नहीं जाने दिया गया था। थाने पर एक गार्ड ने संजीव को ऐसा करने से रोका था।

जिसके बाद विधायक के समर्थक नाराज हो गए और दोनों ओर से शुरू हुई कहासुनी झड़प में तब्दील हो गई। इसी दौरान अखिलेश त्रिपाठी भी अपने समर्थकों के साथ वहां पहुंचे थे।

झगड़ा करने और अपराधिक धमकी का मामला

पुलिस कोंडली विधायक मनोज कुमार पर बीजेपी कार्यकर्त्ता से झगड़े के कारण FIR दर्ज कर चुकी है। पुलिस के मुताबिक ये झगड़ा मयूर विहार फेज-3 स्थित मनोज कुमार के घर के बाहर हुआ था।

मनोज कुमार पर IPC की धारा 323 (जानबूझकर चोट पहूंचाने), 341 (गलत तरिके से नियंत्रण बनाने), और 506 (अपराधिक धमकी) के तहत केस दर्ज है।

मनोज के खिलाफ कपिल नाम के एक शख्स ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें मनोज पर मारपीट और जान से मारने की धमकी का आरोप भी लगाया गया था।
धायक पर मारपीट करने के साथ साथ कपिल को जान से मारने की धमकी भी गई है। इसके साथ साथ विधायक ने कपिल को बीजेपी समर्थक होने का आरोप भी लगया है।तो वहीं विधायक मनोज कुमार ने भी कपिल नाम के शख्स पर चोरी करने का आरोप लगाया है। लेकिन इस मामले में शिकायतकर्ता के शरीर पर चोट के निशान साफ देखे जा सकते हैं। और विधायक ने पुलिस पर मामले को गंभीरता से ना लेने का आरोप भी लगाया है। - See more at: http://hindi.kohram.in/state-news/mla-manoj-kumar-filed-a-case-of-assault-on-you/#sthash.vp6tOiyG.dpufधायक पर मारपीट करने के साथ साथ कपिल को जान से मारने की धमकी भी गई है। इसके साथ साथ विधायक ने कपिल को बीजेपी समर्थक होने का आरोप भी लगया है।तो वहीं विधायक मनोज कुमार ने भी कपिल नाम के शख्स पर चोरी करने का आरोप लगाया है। लेकिन इस मामले में शिकायतकर्ता के शरीर पर चोट के निशान साफ देखे जा सकते हैं। और विधायक ने पुलिस पर मामले को गंभीरता से ना लेने का आरोप भी लगाया है। - See more at: http://hindi.kohram.in/state-news/mla-manoj-kumar-filed-a-case-of-assault-on-you/#sthash.vp6tOiyG.dpuf

जरनैल सिंह पर भी दर्ज हुआ केस

जबकि ताजा मामला तिलक विहार से आप विधायक जरनैल सिंह के खिलाफ दर्ज है। उन पर दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के जूनियर इंजीनियर को धमकाने का आरोप है।

ये केस वालिंटीयरों के द्वारा सरकारी काम में बाधा ड़ालने और मारपीट के आरोप में दर्ज हुआ था। बताया जाता है कि इंजीनियर और उसकी टीम अवैध निर्माण को तोड़ने गई थी।

जिसका स्थानीय लोगों ने विरोध किया और विधायक जरनैल सिंह को मौके पर बुलाया। इंजीनियर के मुताबिक विधायक ने संबंधित दस्तावेज भी फाड़ दिए थे।
अज्ञात वालंटियरों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने व मारपीट करने की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। - See more at: http://www.jagran.com/delhi/new-delhi-city-12314528.html#sthash.sVLTwTeI.dpuf

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क्या कहती है आप ?

हालांकि पार्टी के प्रवक्ता इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हैं। इनके मुताबिक दिल्ली पुलिस ने दबाव के चलते विधायकों पर ये सब केस दर्ज किए हैं।

पार्टी का आरोप है कि दिल्ली पुलिस का इस्तेमाल हथियार के तौर पर उनके खिलाफ किया जा रहा है, जोकि जंतर-मंतर पर किसान आत्महत्या मामले की कार्रवाई से भी साफ हो चुका है।

पार्टी का कहना है कि भविष्य में भी उन्हें ऐसे ही मामलों से जूझना पड़ सकता है। हालांकि वह खुद को इसके लिए तैयार मानते हैं और जनता की भलाई के लिए ये लड़ाई जारी रखने की बात कहते हैं।
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