आरक्षण के मसले पर आम आदमी पार्टी (आप) के भीतर मदभेद है। सोमवार को वरिष्ठ आप नेता कुमार विश्वास के उस बयान से पार्टी ने किनारा कर लिया, जिसमें उन्होंने जाति के आधार पर चल रही मौजूदा आरक्षण व्यवस्था पर सवाल खड़े किये थे।
रविवार को गुजरात में एक कार्यक्रम में विश्वास ने कहा था कि आरक्षण जातिगत की जगह आर्थिक आधार पर होना चाहिये। उन्होंने गुजरात के विकास मॉडल पर निशाना साधने के साथ केंद्र सरकार पर भी वार किया था।
आरक्षण पर दिए बयान पर पार्टी ने विश्वास की निजी करार देकर किनारा कर लिया। एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि पार्टी के अंदर एक मसले पर लोगों की राय अलग-अलग हो सकती है। लेकिन जो पार्टी की राय है, वह सबको माननी होगी।
इस देश में जाति के आधार पर एक बड़े तबके को उनके अधिकारों से वंचित रखा गया है। इसलिए आप जातिगत आरक्षण का समर्थन करती है।
दिल्ली सरकार के मंत्री गोपाल का कहना है कि कुमार विश्वास ने क्या कहा है, हम जानते हैं। लेकिन हमारा मत है कि मौजूदा व्यवस्था बनी रहनी चाहिए। वहीं, संजय सिंह ने कहा कि यह कुमार विश्वास की निजी राय है। इसे पार्टी लाइन नहीं माना जाना चाहिए।