दिल्ली पुलिस ने ट्वीट की केजरीवाल के घर के बाहर की तस्वीर
- फोटो : दिल्ली पुलिस ट्विटर अकाउंट
किसानों द्वारा बुलाए गए भारत बंद के दिन आम आदमी पार्टी ने दिल्ली पुलिस पर बड़ा आरोप लगाया है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को उनके घर में नजरबंद कर दिया गया है। आप का आरोप है कि यह सब गृह मंत्रालय के इशारे पर किया गया है।
आम आदमी पार्टी का आरोप है कि दिल्ली पुलिस ने भाजपा की मदद से मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को घर में ही नजरबंद कर दिया है। सिंघु बॉर्डर से लौटने के बाद कल से नजरबंद जैसे हालात बना दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सभी बैठकें रद्द हो गई हैं। आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाते हुए कहा कि, गृह मंत्रालय के आदेश पर पुलिस ने दिल्ली नगर निगम के तीनों मेयर को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर के मुख्य गेट के बाहर धरने पर बैठा दिया है और इसका बहाना बना कर पुलिस ने मुख्यमंत्री के घर के बाहर बैरिकेडिंग कर दी है। जिससे ना केजरीवाल से कोई मिलने आ सकता है और ना वो कहीं बाहर जा सकते हैं। आप का कहना है कि आज भारत बंद के चलते गृह मंत्रालय के निर्देश पर दिल्ली पुलिस ने ये काम किया है।
पुलिस ने दी सफाई, सीएम को नहीं किया नजरबंद
उत्तरी दिल्ली के डीसीपी अंटो अल्फोंस ने आप के आरोपों को नकारते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री के घर के बाहर तैनात पुलिस और बैरिकेडिंग सामान्य रूप से होने वाली सुरक्षा व्यवस्था के तहत किया गया है ताकि आम आदमी पार्टी और अन्य पार्टियों में कोई झड़प न हो। मुख्यमंत्री को घर में नजरबंद नहीं किया गया है।
दिल्ली पुलिस केे स्पेशल सीपी सतीश गोलचा का कहना है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंंद केजरीवाल को किसी भी रूप में हिरासत में नहीं लिया गया है। आम आदमी पार्टी और केजरीवाल के सभी आरोप झूठे हैं। लोग किसानों के भारत बंद को शांतिपूर्ण तरीके से समर्थन दे रहे हैं, वह पुलिस से परेशान नहीं हैं। अगर कोई कानून व्यवस्था में खलल डालता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
आम आदमी पार्टी के आरोपों पर उत्तरी दिल्ली के डीसीपी एंटो अल्फोंस ने कहा कि मुख्यमंत्री के घर के बाहर जो सुरक्षा व्यवस्था है वह नियमित तौर पर वहां रहती है। हम मुख्यमंत्री के घर से संपर्क में हैं। वो जिसे कहेंगे कि घर के अंदर आने देना है, उसे आने देंगे।