आम आदमी पार्टी ने लगातार दूसरे मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को नजरबंद करने का आरोप दिल्ली पुलिस पर लगाया है। पार्टी का कहना है कि पुलिस ने केजरीवाल को उनके आवास से निकलने पर पहरा लगा रखा है, जबकि भाजपा नेता पुलिस के संरक्षण में मुख्यमंत्री आवास पर धरना दे रहे हैं। आप की चेतावनी है कि मुख्यमंत्री औेर उनकी सरकार से किसान आंदोलन को समर्थन मिलता रहेगा। पुलिस की कोई कोशिश इसे रोक नहीं सकेगी। दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस का कहना है कि मुख्यमंत्री को नजरबंद नही किया गया है। वह बुधवार किसी कार्यक्रम में हिस्सा लेने आवास से बाहर निकले थे।
आप विधायक राघव चड् ढा ने बुधवार को पार्टी दफ्तर पर मीडिया से बात करते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस के संरक्षण में भाजपा नेता मुख्यमंत्री आवास पर धरना दे रहे हैं, जबकि अरविंद केजरीवाल के निकलने पर अभी भी पाबंदी लगी हुई है। राघव ने दोहराया है कि मुख्यमंत्री ने पहले तो 9 स्टेडियम को अस्थाई जेल बनाने की अनुमति नहीं दी। फिर, किसान आंदोलन को पूरा समर्थन भी दिया है। भारत बंद में भी वह सिंघु बॉर्डर जाना चाहते थे। इन्हीं वजहों से पुलिस उनको घर से बाहर नहीं निकलने दे रही है।
राघव चड्ढा ने सवाल किया कि किस आधार पर और कानून के तहत आम लोगों को सीएम अरविंद केजरीवाल से मिलने से रोका जा रहा है। यह कैसा लोकतंत्र है, जिसमें पुलिस यह फैसला कर रही है कि मुख्यमंत्री किससे मिलेंगे और कौन उनके घर के अंदर जा सकेगा? राघव ने कहा कि अगर भाजपा के 500 नेता भी मुख्यमंत्री आवास के बाहर खड़े हो जाएंगे, तो भी दिल्ली सरकार किसी स्टेडियम को जेल में तब्दील नहीं होने देंगे और ना ही किसानों को दिया अपना समर्थन वापस लेगी। मुख्यमंत्री अपनी अंतिम सांस तक किसानों के साथ खड़े रहेंगे। राघव ने चुनौती दी कि अगर दिल्ली पुलिस के 400 जवान और भाजपा के 400 कार्यकर्ता आकर मुख्यमंत्री आवास को घेर लें, जब भी वह मुख्यमंत्री का आंदोलन का हिस्सा बनने से नहीं रोक सकेगे।