अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। कड़कड़डूमा कोर्ट ने उत्तर-पूर्वी दिल्ली के जाफराबाद इलाके के चौहान बंगर में वर्ष 2020 में एक युवक की हत्या के प्रयास के मामले में आरोपी आमिर को बरी कर दिया है। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी की पहचान को संदेह से परे साबित करने में पूरी तरह विफल रहा।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कुमार राजत ने 27 मार्च को दिए आदेश में कहा कि अभियोजन आरोप साबित नहीं कर पाया। मामले के अनुसार, 9 अक्तूबर 2020 को आमिर पर आरोप था कि स्कूटर को लेकर हुए विवाद के बाद उसने मोहम्मद सुहैल नामक युवक को चाकू मारकर हत्या का प्रयास किया। शिकायतकर्ता सुहैल ने दावा किया कि उसके गले और हाथ में चोटें आईं, जिसके बाद उसके रिश्तेदारों ने उसे अस्पताल पहुंचाया। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने सात गवाहों के बयान दर्ज कराए। हालांकि, अदालत ने पाया कि मुख्य गवाह या तो शत्रुतापूर्ण हो गए या क्रॉस-एक्जामिनेशन में अपनी पूर्व कथन से भिन्न बयान दिए।
न्यायाधीश ने टिप्पणी करते हुए कहा कि मेडिकल और फॉरेंसिक रिपोर्ट्स यह साबित करती हैं कि सुहैल को धारदार हथियार से चोटें पहुंचाई गई थीं, लेकिन चूंकि आरोपी आमिर की पहचान संदिग्ध है, इसलिए ये रिपोर्ट्स और एमएलसी आरोपी पर आरोप साबित नहीं करतीं।