अध्यादेश के खिलाफ रामलीला मैदान में हुई थी आप की महारैली
रामलीला मैदान में हुई महारैली में सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि प्रधानमंत्री ने दिल्ली के लोगों के वोट का अपमान किया। पूरा देश दिल्ली वालों के साथ। 140 करोड़ लोग मिलकर संविधान बचाएंगे। अंदर से पता चला है, जैसे दिल्ली में तानाशाही लागू हई, कल इसी तरह बंगाल और राजस्थान के लिए भी लाया जाएगा। चौथी पास राजा को समझ नहीं आ रहा है कि देश कैसे चलाया जाए। चारों तरफ बेरोजगारी फैली हुई है।
अध्यादेश पर पहले ही केंद्र को घेर चुके हैं केजरीवाल
सीएम केजरीवाल ने सीधे तौर पर भाजपा पर नौकरशाही के जरिये दिल्ली की सरकार चलाने का षडयंत्र रचने का आरोप लगाया था। केंद्र को घेरते हुए सीएम ने कहा था कि दिल्ली में अब चुनी हुई सरकार की नहीं, अफसरों की चलेगी। देश के इतिहास में यह पहली बार होगा। जब नौकरशाह चुनी हुई सरकार चलाएंगे।
काला अध्यादेश संविधान विरोधी
आम आदमी पार्टी ने कहा था कि पटना में समान विचारधारा वाली पार्टी की बैठक हुई। जिसमें 15 राजनीतिक पार्टियों ने हिस्सा लिया था, जिनमें 12 का प्रतिनिधित्व राज्यसभा में हैं। लेकिन कांग्रेस को छोड़कर अन्य सभी पार्टियों ने काले अध्यादेश के खिलाफ स्पष्ट रूप से अपना रुख व्यक्त किया है।