राजधानी की सियासी हलचलों के बीच आम आदमी पार्टी ने उम्मीदवारों की तलाश शुरू कर दी है। पार्टी पदाधिकारियों के अनुसार, दिल्ली विधानसभा चुनाव घोषित होने के पंद्रह दिन के भीतर सूची जारी कर दी जाएगी।
वहीं, लोकसभा चुनाव में करारी शिकस्त से सबक लेते हुए पार्टी की प्राथमिकता दिल्ली तक सीमित हो गई है। हरियाणा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए भी पार्टी के पास कोई रणनीति नहीं है।
वरिष्ठ नेता संजय सिंह के मुताबिक, अगर दोनों राज्यों के साथ ही दिल्ली में चुनाव होते हैं तो पूरा फोकस यहां पर होगा।
ये है AAP का प्लान
AAP के पदाधिकारियों के मुताबिक, मिशन विस्तार के तहत दिल्ली में जमीनी स्तर पर नए सिरे से संगठन तैयार हो रहा है। जोर बूथ स्तर की दस सदस्यीय कमेटियों पर है।
डेढ़ महीने के भीतर काम पूरा होने की उम्मीद है। उम्मीदवारों की तलाश भी चल रही है। इस बीच अगर चुनाव घोषित होते हैं तो पंद्रह दिन के भीतर उम्मीदवारों की लिस्ट जारी हो जाएगी।
इससे उनको अपने इलाकों में प्रचार का पूरा समय मिल सकेगा। साथ ही पार्टी ने दिल्ली पर फोकस करने की रणनीति भी तैयार की है।
दोबारा रिस्क नहीं लेगी AAP!
संजय सिंह की मानें तो दिल्ली के अलावा किसी दूसरे राज्य में चुनाव लड़ने पर कोई विचार नहीं किया गया है। इसकी वजह यह है कि वर्ष 2013 के दिल्ली विधानसभा चुनाव की तरह इस बार भी यहां कार्यकर्ताओं की काफी जरूरत पड़ेगी।
ऐसे में संभव नहीं हो सकेगा कि दूसरे राज्य में चुनाव लड़ा जाए। यह बात इसलिए भी कही जा रही है क्योंकि लोकसभा चुनावों की करारी हार के बाद अब आप दोबारा ऐसा रिस्क नहीं लेना चाहती।
इस मामले में आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने भी कहा था कि उनका यह व्यक्तिगत निर्णय है कि 'आप' फिलहाल दिल्ली में ही चुनावों की तैयारी करे।