चुनावी महांसग्राम में राजनीतिक पार्टियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है। बीजेपी के पीएम उम्मीदवार नरेंद्र मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा पर लग रहे आरोपों में एक नया मोड़ आ गया है।
रॉबर्ट वाड्रा के जमीन घोटाले संबंधी मामले में एक ओर जहां कांग्रेस उन्हें बचाने में जुटी है तो वहीं बीजेपी इस मामले में विरोधी पार्टी को हर तरफ से घेरने के मूड में है।
बीजेपी और कांग्रेस के बीच चल रही इस लड़ाई में अब एक और खिलाड़ी ने हमला बोला है।
मोदी के हमलों में है कितना दम?
दरअसल, बीजेपी और कांग्रेस के बीच चल रही इस जुबानी जंग पर आम आदमी पार्टी ने बीजेपी से वाड्रा पर अपना रूख साफ करने को कहा है।
पार्टी ने कहा कि अगर बीजेपी के पीएम उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी की ओर से वाड्रा पर किए जा रहे हमले सही हैं तो राजस्थान में वाड्रा की अवैध तरीके से की गई जमीन डील पर कार्रवाई करके अपना रूख साफ करे।
राजस्थान में बीजेपी की सरकार है। उसी पार्टी के प्रधानमंत्री उम्मीदवार अगर आरोप लगा रहे है तो कार्रवाई भी होनी चाहिए।
बीजेपी ने क्यों नहीं उठाया ये मुद्दा?
AAP ने बीजेपी पर आरोप लगाया है कि वह चुनावी रैलियों में वाड्रा पर हमले करके जनता को गुमराह कर रही है। अगर वह सही बोल रहे हैं तो राजस्थान में जहां उनकी सरकार है वहां वाड्रा के जमीन सौदे पर कार्रवाई करके दिखाएं।
पार्टी का कहना है कि जब अक्तूबर 2012 में आप ने वाड्रा के हरियाणा व राजस्थान में जमीन खरीद फरोख्त घोटाले खोले तब बीजेपी चुप रही। अब चुनाव में वह जनता को यह बता रही है।
पार्टी का आरोप है कि बीजेपी का गांधी परिवार के साथ अंदरूनी डील है। इसीलिए अभी तक राज्य में बीजेपी की सरकार होते हुए भी राजस्थान में कोई कार्रवाई नहीं हुई। यही वजह रही कि उस समय बीजेपी ने संसद में भी इस मामले को उठाने की जरूरत नहीं समझी।
मोदी और शाह पर निशाना
आम आदमी पार्टी ने कहा कि दोनों दलों के अंदरूनी डील की बात उससे साबित होता है जब स्नूपगेट मामले में कांग्रेस सरकार कोई जांच नहीं करवा पाई। जबकि उसमें मोदी के खास अमित शाह उस मामले में पूरी तरह से लिप्त थे।
अब चुनाव में उन्हीं मुद्दों को लेकर दोनों दलों के नेता जनता के बीच जा रहे है, जिस पर उन्होंने पूर्व में कोई कार्रवाई नहीं की इससे साफ है कि दोनों की आपस में डील है।