गोविंदपुरी का दौरा कर लोगों से मुलाकात की
वहीं, पानी के बढ़े बिलों से राहत देने की योजना को लागू करवाने के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल शनिवार को सड़कों पर उतरे। उन्होंने गोविंदपुरी का दौरा कर लोगों से मुलाकात की और गलत बिलों को ठीक कराने का भरोसा दिया। इस दौरान केजरीवाल ने एक गलत बिल को फाड़ते हुए कहा कि इसके समाधान के लिए दिल्ली सरकार वन टाइम सेटलमेंट स्कीम लाना चाहती है, लेकिन भाजपा ने उपराज्यपाल के माध्यम से अफसरों से योजना को रुकवा दिया। भाजपा चाहे जितनी अड़चनें डाले, लेकिन वह सभी के बिल माफ करवा कर रहेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के बाद से ज्यादातर लोगों के पानी के बिल गलत आ रहे हैं। हमने पानी मुफ्त कर रखा है। फिर भी इतना ज्यादा बिल आ रहे हैं जो गलत है। दिल्ली में 11 लाख ऐसे परिवार हैं, जो गलत बिल से परेशान हैं। 50-50 गज के मकान हैं। इनमें रहने वाले लोगों के 50 हजार से लेकर एक लाख से ज्यादा तक का बिल आया है। कोरोना की वजह से कई महीने मीटर रीडर रीडिंग लेने नहीं गए। उन्होंने दफ्तर में बैठ कर फर्जी रीडिंग भर दी। लोगों ने बिल भरे नहीं, उस पर ब्याज और एलपीसी पेनाल्टी लगती गई और बिल लाखों में पहुंच गए।
केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में गलत बिलों को ठीक करने में 80 साल लग जाएंगे, इसलिए हम वन टाइम सेटलमेंट स्कीम लेकर आए हैं, ताकि जिन लोगों के गलत बिल आए हैं, उनके बिल ऑटोमैटिक ठीक किए जा सकें। इस स्कीम के तहत जिन लोगों के पिछले पांच साल में दो ओके रीडिंग है, उसका औसत बिल निकाला जाएगा और उसी आधार पर सारे महीने का बिल बना देंगे, जिन लोगों ने महीने में 20 हजार लीटर से कम पानी का इस्तेमाल किया है, उनके बिल जीरो हो जाएंगे। उम्मीद है कि 90 फीसदी लोगों के बिल जीरो होंगे।