आम आदमी पार्टी ने एक बार फिर भाजपा पर सवालों की बौछार की है। आप ने आरोप लगाया है कि भाजपा नेता लोकसभा चुनाव खत्म होने का इंतजार कर रहे हैं, इसके बाद खरीद-फरोख्त कर दिल्ली में सरकार बनाने की कोशिश होगी।
आप ने सवाल किया है कि विधानसभा निलंबन के केंद्र सरकार के फैसले पर भाजपा का क्या रुख है?
प्रदेश भाजपा को मंगलवार को भेजी गई चिट्ठी में आप ने चुनौती दी है कि इस मामले में भाजपा को अपनी रहस्यमयी चुप्पी तोड़नी चाहिए।
'जनता से झूठ बोल रहे हैं हर्षवर्धन'
आप का कहना है कि 14 फरवरी को इस्तीफा देते समय दिल्ली सरकार ने सिफारिश की थी कि विधानसभा भंग कर जल्द चुनाव कराए जाएं।
लेकिन केंद्र सरकार के इशारे पर विधानसभा को निलंबित कर दिया गया। इसकी वजह बताई जा रही है कि उपराज्यपाल दिल्ली में नई सरकार के गठन की संभावना तलाश रहे हैं।
आप का आरोप है कि इस मुद्दे पर बात करने की जगह भाजपा दिल्ली की जनता को गुमराह कर रही है। आप ने आरोप लगाया है कि भाजपा नेता डॉ. हर्षवर्धन रोजाना झूठ बोलकर दिल्ली की जनता को गुमराह कर रहे हैं। ऐसे में भाजपा से सवाल करना जरूरी है।
आप ने भाजपा से किए सवाल
-क्या भाजपा दिल्ली विधानसभा को भंग कराने और लोकसभा चुनाव के साथ विधानसभा चुनाव कराने के पक्ष में है?
-यदि हां, तो पार्टी के नेता इसका जवाब देने से क्यों डर रहे हैं?
-जब कोई पार्टी सरकार बनाने की स्थिति में नहीं है तो भाजपा विधानसभा को भंग करने की मांग क्यों नहीं कर रही है?
-कहीं ऐसा तो नहीं कि भाजपा लोकसभा चुनाव खत्म होने का इंतजार कर रही है, जिसके बाद वह खरीद-फरोख्त कर सरकार बनाने की कोशिश करेगी?
-भाजपा कांग्रेस का समर्थन लेकर सरकार बनाने से क्यों हिचक रही है, वह भी तब जब विधानसभा में दोनों पार्टियों के विधायक एक सुर में बोल चुके हैं?
-भाजपा बिजली के बिल पर दिल्लीवासियों को मिली राहत खत्म करने की केंद्र सरकार की कोशिश का विरोध क्यों नहीं कर रही है?